{"_id":"5cd5c7cfbdec22075f577d77","slug":"41557514191-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी डिग्री हासिल करने वाले पांच शिक्षक बर्खास्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी डिग्री हासिल करने वाले पांच शिक्षक बर्खास्त
Sat, 11 May 2019 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2019 12:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। वर्ष 2005 में आगरा विश्वविद्यालय से बीएड की फर्जी डिग्री हासिल करने वाले पांच शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। एसआईटी की जांच में इनके रोलनंबर में फेरबदल करने की पुष्टि हुई है। उसके बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। हालांकि विभाग की तरफ से कार्रवाई में बरती जा रही गोपनीयता के चलते अभी इनके नामों की जानकारी नहीं दी गई है।
आगरा विश्वविद्यालय से 2005 में बीएड करने वाले कई शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की शिकायत एसआईटी से की गई थी। ऐसे शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई थी। सबूत के तौर पर एडी बेसिक कार्यालय से लेकर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी को सीडी उपलब्ध कराई गई थी। उसमें जिले में तैनात कई शिक्षकों ने नाम मौजूद थे। उनमें से कुछ का दूसरे जिले में स्थानांतरण हो चुका है। पूर्व में विभाग ने शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए उनका वेतन रोक दिया गया था। उसके बाद शिक्षक न्यायालय की शरण में चले गए थे। वहां से बकाए वेतन का भुगतान करते हुए मामले का निस्तारण करने का आदेश जारी हुआ। विभाग ने सभी शिक्षकों का वेतन जारी कर सीडी के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी। संभावना जताई जा रही है कि शिक्षक एक बार फिर न्यायालय की शरण में जा सकते हैं।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
विज्ञापन
आगरा विश्वविद्यालय से 2005 में बीएड करने वाले कई शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की शिकायत एसआईटी से की गई थी। ऐसे शिक्षकों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपी गई थी। सबूत के तौर पर एडी बेसिक कार्यालय से लेकर तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी को सीडी उपलब्ध कराई गई थी। उसमें जिले में तैनात कई शिक्षकों ने नाम मौजूद थे। उनमें से कुछ का दूसरे जिले में स्थानांतरण हो चुका है। पूर्व में विभाग ने शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए उनका वेतन रोक दिया गया था। उसके बाद शिक्षक न्यायालय की शरण में चले गए थे। वहां से बकाए वेतन का भुगतान करते हुए मामले का निस्तारण करने का आदेश जारी हुआ। विभाग ने सभी शिक्षकों का वेतन जारी कर सीडी के आधार पर उनकी सेवा समाप्त कर दी। संभावना जताई जा रही है कि शिक्षक एक बार फिर न्यायालय की शरण में जा सकते हैं।
विज्ञापन
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।