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हे भगवान! इतना ब्याज कर्जदार लौटाए तो कैसे
Tue, 05 Feb 2019 12:42 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 05 Feb 2019 12:42 AM IST
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गोरखपुर। सूद कारोबार के नाम पर जिले में मनमानी की जा रही है। नियम है कि मूल रकम पर सालाना 14 फीसदी ब्याज वसूला जाए लेकिन सूद पर रुपये देने वाले सालाना 120 फीसदी तक ब्याज वसूल रहे हैं। मूल तो मूल ब्याज चुकाना भारी। जाहिर है, जिसने एक बार इनसे कर्ज लिया वह जीवन भर चुकाता रहे।
जिले में 448 पंजीकृत साहूकार हैं। यही साहूकार ही ब्याज पर ऋण दे सकते हैं। इसके ब्याज दर निर्धारित हैं। सालाना 14 फ ीसदी ब्याज पर ही ऋण दिया जा सकता है। इससे ज्यादा ब्याज वसूली की छूट नहीं है। ऐसी शिकायत मिली तो सूद कारोबारी का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। एडीएम (फाइनेंस) को कार्रवाई का अधिकार है। लेकिन सारे नियम-कायदे सिर्फ कागजों में हैं। इससे कई कर्जदार जान दे चुके है।
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जिले में 448 पंजीकृत साहूकार हैं। यही साहूकार ही ब्याज पर ऋण दे सकते हैं। इसके ब्याज दर निर्धारित हैं। सालाना 14 फ ीसदी ब्याज पर ही ऋण दिया जा सकता है। इससे ज्यादा ब्याज वसूली की छूट नहीं है। ऐसी शिकायत मिली तो सूद कारोबारी का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। एडीएम (फाइनेंस) को कार्रवाई का अधिकार है। लेकिन सारे नियम-कायदे सिर्फ कागजों में हैं। इससे कई कर्जदार जान दे चुके है।
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1976 में बना था यूपी साहूकारी विनियम अधिनियम
जब छोटे कारोबारियों को बैंक से लोन लेने में परेशानी होती थी, तब राज्य सरकार ने यूपी साहूकारी विनियम कानून 1976 पास कराया। इसका उद्देश्य इलाके के साहूकारों को छोटे कारोबारियों व जरूरतमंदों की मदद करने के लिए कानूनी संरक्षण देना था।
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