{"_id":"5946e84a4f1c1b552b8b4590","slug":"41497819210-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"250 रुपये में नो इंटी में इंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
250 रुपये में नो इंटी में इंट्री
Updated Mon, 19 Jun 2017 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
शहर की नो एंट्री का नियम तोड़ने की कीमत महज 250 रुपये है। एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा की पड़ताल में यह बात साबित हुई है। शहर के ट्रैफिक सुधार के लिए चौराहों को देखने निकले एसपी ट्रैफिक के सामने ही नो एंट्री में एक ट्रक आ गया। रोक कर पूछा तो जो जवाब मिला उसे सुनकर वह हैरान रह गए। ट्रक चालक ने बताया कि टीपी नगर में ट्रैफिक पुलिस ने शहर में एंट्री के लिए 250 रुपये लिए थे। यही नहीं वह 500 रुपये मांग रहे थे, मोलभाव करने पर आधी रकम पर ही मान गए। एसपी ट्रैफिक ने जांच के आदेश दिए हैं।
शहर में अवैध वसूली कोई नई बात नहीं है। लेकिन इन पर कार्रवाई नहीं होती है, जिससे बेरोकटोक धंधा चल रहा है। किसी ने इसकी शिकायत एसपी ट्रैफिक से की थी। रविवार को बाइक से ही एसपी निरीक्षण करने निकल पड़े। वह पीएसी कैंप स्थित गेस्ट हाउस से जेल बाईपास होते हुए खजांची चौराहा पहुंचे, वहां से फिर बरगदवां, गोरखनाथ, धर्मशाला, बैंक रोड, गोलघर होते हुए टीपीनगर से नौसड़ पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे टीपीनगर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दीवान, सिपाही और होमगार्ड्स मौजूद मिले। आगे बढ़े तो कर्नाटक के रजिस्ट्रेशन नंबर का मिनी ट्रक मिला। ड्राइवर और मालिक से कुछ पुलिस वाले बात कर रहे थे। पुलिस वालों को देखकर वह भी एक चाय की दुकान पर रुक गए। थोड़ी देर बाद ट्रक आगे बढ़ा तो रोककर पूछताछ की तो वसूली की बात सामने आ गई। गल्ला मंडी धर्मकांटा पर रुके ट्रक ड्राइवर से एसपी ट्रैफिक ने बात की। उसने बताया कि वह बंगलूरू से मुसम्मी लेकर गोरखपुर आया है। मंडी तक पहुंचने में उसे छह सौ रुपए खर्च करने पड़े। बताया कि सहजनवां जीरो प्वाइंट पर पुलिस ने सौ रुपये लिए। फिर नौसड़ पुलिस चौकी पर पुलिसवालों ने पांच सौ रुपये मांगे। किसी तरह 250 रुपये देकर टीपीनगर नगर पहुंचा। वहां भी ट्रैफिक पुलिस ने 250 रुपये वसूल लिए। मंडी गेट पर मौजूद होमगार्ड ने 50 रुपये लिए। मिनी ट्रक मालिक से लिखित शिकायत लेकर एसपी ट्रैफिक ने टीएसआई को तलब किया।
.......
रुपये लेकर नो एंट्री में वाहनों के आने की शिकायत मिली थी। जांच में यह बात साबित हो गई। जांच कराई जा रही है। कार्रवाई होगी।
- आदित्य वर्मा, एसपी ट्रैफिक
शहर की नो एंट्री का नियम तोड़ने की कीमत महज 250 रुपये है। एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा की पड़ताल में यह बात साबित हुई है। शहर के ट्रैफिक सुधार के लिए चौराहों को देखने निकले एसपी ट्रैफिक के सामने ही नो एंट्री में एक ट्रक आ गया। रोक कर पूछा तो जो जवाब मिला उसे सुनकर वह हैरान रह गए। ट्रक चालक ने बताया कि टीपी नगर में ट्रैफिक पुलिस ने शहर में एंट्री के लिए 250 रुपये लिए थे। यही नहीं वह 500 रुपये मांग रहे थे, मोलभाव करने पर आधी रकम पर ही मान गए। एसपी ट्रैफिक ने जांच के आदेश दिए हैं।
शहर में अवैध वसूली कोई नई बात नहीं है। लेकिन इन पर कार्रवाई नहीं होती है, जिससे बेरोकटोक धंधा चल रहा है। किसी ने इसकी शिकायत एसपी ट्रैफिक से की थी। रविवार को बाइक से ही एसपी निरीक्षण करने निकल पड़े। वह पीएसी कैंप स्थित गेस्ट हाउस से जेल बाईपास होते हुए खजांची चौराहा पहुंचे, वहां से फिर बरगदवां, गोरखनाथ, धर्मशाला, बैंक रोड, गोलघर होते हुए टीपीनगर से नौसड़ पहुंचे। दोपहर करीब डेढ़ बजे टीपीनगर चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस के दीवान, सिपाही और होमगार्ड्स मौजूद मिले। आगे बढ़े तो कर्नाटक के रजिस्ट्रेशन नंबर का मिनी ट्रक मिला। ड्राइवर और मालिक से कुछ पुलिस वाले बात कर रहे थे। पुलिस वालों को देखकर वह भी एक चाय की दुकान पर रुक गए। थोड़ी देर बाद ट्रक आगे बढ़ा तो रोककर पूछताछ की तो वसूली की बात सामने आ गई। गल्ला मंडी धर्मकांटा पर रुके ट्रक ड्राइवर से एसपी ट्रैफिक ने बात की। उसने बताया कि वह बंगलूरू से मुसम्मी लेकर गोरखपुर आया है। मंडी तक पहुंचने में उसे छह सौ रुपए खर्च करने पड़े। बताया कि सहजनवां जीरो प्वाइंट पर पुलिस ने सौ रुपये लिए। फिर नौसड़ पुलिस चौकी पर पुलिसवालों ने पांच सौ रुपये मांगे। किसी तरह 250 रुपये देकर टीपीनगर नगर पहुंचा। वहां भी ट्रैफिक पुलिस ने 250 रुपये वसूल लिए। मंडी गेट पर मौजूद होमगार्ड ने 50 रुपये लिए। मिनी ट्रक मालिक से लिखित शिकायत लेकर एसपी ट्रैफिक ने टीएसआई को तलब किया।
विज्ञापन
.......
रुपये लेकर नो एंट्री में वाहनों के आने की शिकायत मिली थी। जांच में यह बात साबित हो गई। जांच कराई जा रही है। कार्रवाई होगी।
- आदित्य वर्मा, एसपी ट्रैफिक