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गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल, हड़कंप
Updated Fri, 16 Jun 2017 02:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
लखनऊ में सीएम के काफिले के सामने सपा से जुड़े संगठनों के प्रदर्शन के बाद से सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा इंतजाम किए गए, लेकिन पुलिस वालों की बड़ी चूक भी सामने आई है। एलआईयू रिपोर्ट के आधार पर सीओ कैंट का गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है। गोपनीय पत्र के वायरल होने की खबर पाते ही डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने जांच का आदेश दिया है। वायरल पत्र की शिकायत ट्विटर पर हुई थी जिसके आधार पर जांच शुरू हो गई है। उधर, पुलिस ने उत्पाती छात्रनेता अमन पासवान को दस घंटे नजरबंद रखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर में आने से पहले ही उनकी सुरक्षा को लेकर तैयारी की गई थी। लखनऊ में छात्र संगठन के उग्र विरोध को देखते हुए एलआईयू ने गोपनीय रिपोर्ट पुलिस अफसरों को भेजी थी कि जाति विशेष की राजनीति करने वाले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रनेता व्यवधान पैदा कर सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीओ कैंट अभय मिश्रा ने कैंट पुलिस को गोपनीय पत्र लिखा था। यही पत्र छात्रनेता के समर्थक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसमें साफ था कि अमर पासवान की निगरानी सादे वर्दी में तेज तर्रार पुलिस वाले करें।
इनसेट
कई पुलिस वालों पर कार्रवाई हो सकती है कार्रवाई
डीआईजी के आदेश के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। सूत्रों की माने तो इस मामले के दोषी कई पुलिस वालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। फिलहाल जांच शुरू हो गई है और पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच पूरी होने पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
गोरखपुर।
लखनऊ में सीएम के काफिले के सामने सपा से जुड़े संगठनों के प्रदर्शन के बाद से सिक्योरिटी को लेकर ज्यादा इंतजाम किए गए, लेकिन पुलिस वालों की बड़ी चूक भी सामने आई है। एलआईयू रिपोर्ट के आधार पर सीओ कैंट का गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप मच गया है। गोपनीय पत्र के वायरल होने की खबर पाते ही डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने जांच का आदेश दिया है। वायरल पत्र की शिकायत ट्विटर पर हुई थी जिसके आधार पर जांच शुरू हो गई है। उधर, पुलिस ने उत्पाती छात्रनेता अमन पासवान को दस घंटे नजरबंद रखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर में आने से पहले ही उनकी सुरक्षा को लेकर तैयारी की गई थी। लखनऊ में छात्र संगठन के उग्र विरोध को देखते हुए एलआईयू ने गोपनीय रिपोर्ट पुलिस अफसरों को भेजी थी कि जाति विशेष की राजनीति करने वाले गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रनेता व्यवधान पैदा कर सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीओ कैंट अभय मिश्रा ने कैंट पुलिस को गोपनीय पत्र लिखा था। यही पत्र छात्रनेता के समर्थक ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उसमें साफ था कि अमर पासवान की निगरानी सादे वर्दी में तेज तर्रार पुलिस वाले करें।
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इनसेट
कई पुलिस वालों पर कार्रवाई हो सकती है कार्रवाई
डीआईजी के आदेश के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। सूत्रों की माने तो इस मामले के दोषी कई पुलिस वालों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। फिलहाल जांच शुरू हो गई है और पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच पूरी होने पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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