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37 कॉलेजों को एक बार फिर राहत की उम्मीद
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:43 AM IST
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उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आख्या समय से न मिलने पर संबद्धता से वंचित किए गए 37 कॉलेजों को एक बार फिर राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। इस मामले में एक कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी को परीक्षा फार्म भराने का निर्देश जारी किया है।
कुशीनगर के अनुरागी देवी डिग्री कालेज की ओर से की गई अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी इस कालेज के छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाए। हालांकि इस आदेश में अंतरिम की अड़चन बरकरार है फिर भी उम्मीद खो चुके 37 कॉलेजों के प्रबंधन और विद्यार्थियों ने इससे राहत की सांस ली है। उधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक अभी तक उनके पास इस बाबत कोर्ट का कोई आदेश नहीं मिला है। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि हालांकि यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद ने इस पर निर्णय ले लिया है लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट का कोई निर्देश हमें प्राप्त होता है तो विधिक सलाह के बाद उसका पालन जरूर किया जाएगा।
बता दें कि इस प्रकरण में शासन के विशेष निर्देश के बाद भी गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने हाईकोेर्ट के आदेश के अनुपालन में निर्णय लिया था कि चालू सत्र में इन कालेजों को संबद्धता नहीं दी जा सकती। चूंकि अब निर्देश सुप्रीम कोर्ट का है, ऐसे में माना जा रहा है कि सभी कालेजों के छात्र-छात्राओं के परीक्षा फार्म भराए जा सकेंगे।
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कुशीनगर के अनुरागी देवी डिग्री कालेज की ओर से की गई अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूनिवर्सिटी इस कालेज के छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाए। हालांकि इस आदेश में अंतरिम की अड़चन बरकरार है फिर भी उम्मीद खो चुके 37 कॉलेजों के प्रबंधन और विद्यार्थियों ने इससे राहत की सांस ली है। उधर, यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक अभी तक उनके पास इस बाबत कोर्ट का कोई आदेश नहीं मिला है। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि हालांकि यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद ने इस पर निर्णय ले लिया है लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट का कोई निर्देश हमें प्राप्त होता है तो विधिक सलाह के बाद उसका पालन जरूर किया जाएगा।
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बता दें कि इस प्रकरण में शासन के विशेष निर्देश के बाद भी गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने हाईकोेर्ट के आदेश के अनुपालन में निर्णय लिया था कि चालू सत्र में इन कालेजों को संबद्धता नहीं दी जा सकती। चूंकि अब निर्देश सुप्रीम कोर्ट का है, ऐसे में माना जा रहा है कि सभी कालेजों के छात्र-छात्राओं के परीक्षा फार्म भराए जा सकेंगे।
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