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कोच बदलने से यात्रियों को हुई मुश्किलें
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:05 AM IST
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राप्तीसागर एक्स. में बदले
कोच, यात्री हुए परेशान
- आने वाली ट्रेन 26 घंटे थी लेट
- समय अनुपालन के लिए एलएचबी कोच लगाकर किया रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राप्तीसागर एक्सप्रेस को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से समय से रवाना करने के लिए उसमें सामान्य की जगह एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच लगा दिए गए। इससे ट्रेन का शेड्यूल तो सही हो गया लेकिन एलएचबी कोच में आठ सीटें ज्यादा होने से यात्रियों को आवंटित कोच और बर्थ नंबर बदल गए। इससे उन्हें सीट खोजने में काफी परेशान हुई। प्लेटफार्म पर मौजूद टीटीई व टीसी ने यात्रियों की मदद की और चार्ट से मिलान कर यात्रियों को बोगियों में चढ़ाया।
दरअसल गोरखपुर आने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस 26 घंटे की देर से चल रही थी। इसके गोरखपुर पहुंचने पर रैक को ही जाने वाली ट्रेन में इस्तेमाल किया जाना था। लेकिन ऐसा करने पर गोरखपुर से रवाना होने वाली ट्रेन और लेट हो जाती। इससे बचने के लिए रेलवे ने एलएचबी कोच का इस्तेमाल किया। हालांकि इतनी कवायद के बाद भी ट्रेन सात घंटे की देरी से रवाना हुई।
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कोच, यात्री हुए परेशान
- आने वाली ट्रेन 26 घंटे थी लेट
- समय अनुपालन के लिए एलएचबी कोच लगाकर किया रवाना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राप्तीसागर एक्सप्रेस को गोरखपुर रेलवे स्टेशन से समय से रवाना करने के लिए उसमें सामान्य की जगह एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच लगा दिए गए। इससे ट्रेन का शेड्यूल तो सही हो गया लेकिन एलएचबी कोच में आठ सीटें ज्यादा होने से यात्रियों को आवंटित कोच और बर्थ नंबर बदल गए। इससे उन्हें सीट खोजने में काफी परेशान हुई। प्लेटफार्म पर मौजूद टीटीई व टीसी ने यात्रियों की मदद की और चार्ट से मिलान कर यात्रियों को बोगियों में चढ़ाया।
दरअसल गोरखपुर आने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस 26 घंटे की देर से चल रही थी। इसके गोरखपुर पहुंचने पर रैक को ही जाने वाली ट्रेन में इस्तेमाल किया जाना था। लेकिन ऐसा करने पर गोरखपुर से रवाना होने वाली ट्रेन और लेट हो जाती। इससे बचने के लिए रेलवे ने एलएचबी कोच का इस्तेमाल किया। हालांकि इतनी कवायद के बाद भी ट्रेन सात घंटे की देरी से रवाना हुई।
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