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11 माह बाद फिर बीआरडी प्रशासन के लिए चुनौती खड़ी कर गई 11 तारीख
गाोरख्ापुर
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:17 AM IST
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आशुतोष मिश्र
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एनेस्थिसिया के चार डाक्टरों का इस्तीफा क्या किसी सुनियोजित साजिश के तहत दिया गया है। एनेस्थिसिया के चिकित्सकों के इस्तीफे के कारण जरूरी आपरेशन टाल देने पड़े हैं। जिससे मरीजों के जीवन पर संकट खड़ा हो सकता है। बताया जाता है इस्तीफा देने वाले दिन बुधवार को बीआरडी कांड के एक आरोपी मेडिकल कॉलेज आए थे। इससे पहले इस मामले में फंसे एक अन्य चिकित्सक भी कॉलेज परिसर में पहुंचे थे।
इससे पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज तब सुर्खियों में आया था, जब 10-11 अगस्त को ऑक्सीजन कांड में बच्चों की मौत हुई थी। ठीक 11 माह बाद एक बार फिर 11 तारीख को ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज डाक्टरों के इस्तीफे कारण फिर से सुर्खियों में है।
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चार डॉक्टरों के इस्तीफे के बाद मेडिकल कालेज में फिर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू कर दिया है। इस्तीफा देने वाले चिकित्सक कॉलेज प्रशासन पर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन इसे दबाव बनाने की कोशिश करार दे रहा है। इस विवाद ने इतना तो साफ कर दिया है कि बीआरडी में अब भी सब ठीक नहीं है।
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कॉलेज प्रशासन से जुड़े एक व्यक्ति ने एनेस्थिसिया विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कहा कि विभाग के एक जिम्मेदार ने कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाने की योजना के तहत इस्तीफे दिलवाए हैं। इसके पीछे बीआरडी कांड में फंसे और जेल गए कुछ डॉक्टरों की भूमिका भी चर्चा में है। बीआरडी कांड में फंसे पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र जमानत पर जेल से बाहर आए तो बड़ी संख्या में कॉलेज के शिक्षक उन्हें बधाई देने के लिए वहां मौजूद थे। क्या यह मात्र संयोग है कि पूर्व प्राचार्य के जमानत पर बाहर आने के 36 घंटे बाद एनेस्थिसिया के डॉक्टरों के इस्तीफे हुए हैं।