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कॉपी मूल्यांकन का बहिष्कार कर शिक्षकों ने दिया धरना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 21 Mar 2018 08:34 PM IST
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प्रदर्शन करते शिक्षक।
- फोटो : Amar Ujala
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यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन के दौरान अव्यवस्था और सीओ कोतवाली की ओर से किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में शिक्षकों ने बुधवार को कापियां नहीं जांची। सभी केंद्रों पर मूल्यांकन का बहिष्कार किया और तुलसीदास इंटर कॉलेज में एकत्र होकर धरना शुरू कर दिया।
धरने में शामिल होने पहुंचे शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अधिकारियों से बात की। कार्रवाई न होता देख नाराज होकर वह धरने पर बैठ गए। एसपी सीटी और सीटी मजिस्ट्रेट की ओर से खेद जताने और टीडीएम के उप नियंत्रक के बदले जाने पर शिक्षकों ने धरना समाप्त किया। हालांकि सीओ कोतवाली के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन दिया। शिक्षकों ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर 23 मार्च से डीएम दफ्तर पर सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया है।
मूल्यांकन बहिष्कार में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, ठकुराई गुट, पांडेय गुट, चेत नरायन गुट और राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ से जुड़े सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए। सुबह सभी मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने बहिष्कार कर केंद्र का कोठार का ताला नहीं खोलने दिया और बरामदे में धरना दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक तुलसीदास इंटर कॉलेज पहुंच गए, जहां पहले से कई संगठनों के शिक्षक धरने पर बैठे थे।
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इसी बीच शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी पहुंच गए और शिक्षकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी। संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्रनाथ सिंह और एलआईयू के सीओ ने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, मगर शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े रहे। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि उप नियंत्रक (केंद्र प्रभारी) को बदल दें। कुछ देर बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव और एसपी सीटी अभिषेक सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों से सीओ की टिप्पणी पर खेद जताया। डीआईओएस ने उप नियंत्रक को बदलकर सुनील दुबे के तैनाती की जानकारी दी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
इस दौरान शर्मा गुट के प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ दिग्विजयनाथ पांडेय, मंत्री रमेंद्र प्रताप चंद, ज्ञानेश राय, श्रीनाथ दीक्षित, आशीष मणि त्रिपाठी, जगदीश पांडेय, रणजीत सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।
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धरने में शामिल होने पहुंचे शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अधिकारियों से बात की। कार्रवाई न होता देख नाराज होकर वह धरने पर बैठ गए। एसपी सीटी और सीटी मजिस्ट्रेट की ओर से खेद जताने और टीडीएम के उप नियंत्रक के बदले जाने पर शिक्षकों ने धरना समाप्त किया। हालांकि सीओ कोतवाली के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन दिया। शिक्षकों ने 24 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर 23 मार्च से डीएम दफ्तर पर सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया है।
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मूल्यांकन बहिष्कार में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, ठकुराई गुट, पांडेय गुट, चेत नरायन गुट और राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ से जुड़े सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए। सुबह सभी मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों ने बहिष्कार कर केंद्र का कोठार का ताला नहीं खोलने दिया और बरामदे में धरना दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे शिक्षक तुलसीदास इंटर कॉलेज पहुंच गए, जहां पहले से कई संगठनों के शिक्षक धरने पर बैठे थे।
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इसी बीच शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी पहुंच गए और शिक्षकों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी। संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्रनाथ सिंह और एलआईयू के सीओ ने शिक्षकों को समझाने की कोशिश की, मगर शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े रहे। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि उप नियंत्रक (केंद्र प्रभारी) को बदल दें। कुछ देर बाद ही सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव और एसपी सीटी अभिषेक सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों से सीओ की टिप्पणी पर खेद जताया। डीआईओएस ने उप नियंत्रक को बदलकर सुनील दुबे के तैनाती की जानकारी दी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
इस दौरान शर्मा गुट के प्रदेश मंत्री यशवंत सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ दिग्विजयनाथ पांडेय, मंत्री रमेंद्र प्रताप चंद, ज्ञानेश राय, श्रीनाथ दीक्षित, आशीष मणि त्रिपाठी, जगदीश पांडेय, रणजीत सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।