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वोटर लिस्ट में गड़बड़ी ने किया वोटिंग से दूर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 22 Nov 2017 08:38 PM IST
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मतदान करने से चुके लोग।
- फोटो : Amar Ujala
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वार्ड संख्या 46 दाउदपुर निवासी एवं कांग्रेस से पूर्व मेयर प्रत्याशी रहीं डॉ. सुरहीता करीम इस बार वोट नहीं कर सकीं। दरअसल, इस बार मतदाता सूची में उनके अलावा परिवार के आठ सदस्यों के नाम मतदाता सूची से गायब थे। वार्ड संख्या 65 महुईसुघरपुर वार्ड के रबीश श्रीवास्तव समेत उनके परिवार के चार लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। वहीं मतदान केंद्र पहुंचने के बाद मतदाता सूची से नाम गायब होने पर वार्ड संख्या 40 दीवान बाजार के मेराज अहमद, रविकांत शर्मा, राजेश कुमार पांडेय, नौशाद अख्तर समेत कई लोगों ने मतदान केंद्रों पर हंगामा किया।
ये तीन उदाहरण तो मतदाता सूची में गड़बड़ियों की बानगी हैं। बुधवार को नगर निगम के चुनाव में शहर के हर वार्ड में ये स्थिति देखने को मिली। ऐसी ही गड़बडी नौसड़ में मिली। वार्ड के दवहियां टोला, बरिया टोला, घोला टोला, बेलदारी टोला के करीब 200 लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए थे। इन लोगों को मतदाता सूची से अपने नाम कटने की जानकारी मतदान केंद्र पर जाने के बाद मिली। ऐसे में काफी संख्या में लोग मायूस होकर लौट गए तो कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया।
प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही
इस बार मतदाता सूची तैयार करने में बीएलओ की भूमिका भी काफी गड़बड़ रही। प्रत्याशियों के दबाव में कई इलाकों में लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। प्रशासन द्वारा इनका क्रॉस चेक भी नहीं कराया गया। इसका परिणाम मतदान के दिन सामने आया। सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे।
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जनता भी जागरूक नहीं
मतदाता सूची से नाम कटने के लिए निश्चित तौर पर प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी ज्यादा है, लेकिन आम लोग भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की खामियों को दूर करने के लिए कई तरह की छूट दी थी। नामांकन के अंतिम दिन तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाया जा सकता था। इसके पहले चुनाव आयोग की ओर से शहर के विभिन्न वार्डों में कैंप लगाकर मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर किया गया था। इन सबके बावजूद लोगों ने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया। सबसे बड़ी बात यह है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची है।
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ये तीन उदाहरण तो मतदाता सूची में गड़बड़ियों की बानगी हैं। बुधवार को नगर निगम के चुनाव में शहर के हर वार्ड में ये स्थिति देखने को मिली। ऐसी ही गड़बडी नौसड़ में मिली। वार्ड के दवहियां टोला, बरिया टोला, घोला टोला, बेलदारी टोला के करीब 200 लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए थे। इन लोगों को मतदाता सूची से अपने नाम कटने की जानकारी मतदान केंद्र पर जाने के बाद मिली। ऐसे में काफी संख्या में लोग मायूस होकर लौट गए तो कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया।
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प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही
इस बार मतदाता सूची तैयार करने में बीएलओ की भूमिका भी काफी गड़बड़ रही। प्रत्याशियों के दबाव में कई इलाकों में लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए। प्रशासन द्वारा इनका क्रॉस चेक भी नहीं कराया गया। इसका परिणाम मतदान के दिन सामने आया। सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे।
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जनता भी जागरूक नहीं
मतदाता सूची से नाम कटने के लिए निश्चित तौर पर प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी ज्यादा है, लेकिन आम लोग भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की खामियों को दूर करने के लिए कई तरह की छूट दी थी। नामांकन के अंतिम दिन तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाया जा सकता था। इसके पहले चुनाव आयोग की ओर से शहर के विभिन्न वार्डों में कैंप लगाकर मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर किया गया था। इन सबके बावजूद लोगों ने मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़वाया। सबसे बड़ी बात यह है कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर नगर निकाय चुनाव की मतदाता सूची है।