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सुधरेगी निजी कॉलेजों की परीक्षा प्रणाली
Updated Tue, 10 Oct 2017 02:15 AM IST
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गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 निजी डिग्री कॉलेजों की शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता सुधरेगी। परीक्षा प्रणाली में भी सुधार किया जाएगा। इसके लिए कुलपति प्रो. वीके सिंह ने तीन सदस्यीय (रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक) कमेटी गठित की है। इसकी पहली मीटिंग मंगलवार को होगी। पांच निजी कॉलेजों के प्रिंसिपल मीटिंग का हिस्सा बनेंगे। इस तरह की पहल पहली बार की गई है।
स्व वित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के डॉ. प्रदीप राव, डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय, डॉ. उग्रसेन सिंह, डॉ. राजेंद्र शुक्ला और डॉ. राजेश कुमार धर दूबे ने कुलपति को ज्ञापन दिया। साथ ही कहा कि राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों की संख्या 28 है। इसमें 37 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में 300 निजी कॉलेज हैं। इनमें साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इसका मतलब है कि निजी कॉलेजों में 90 फीसदी छात्र-छात्राएं हैं। अब एडमिशन, शिक्षकों की नियुक्ति के अनुमोदन, लैब और लाइब्रेरी का मानक दुरुस्त किए जाने चाहिए। इसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। इसका संज्ञान लेकर ही कुलपति ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
परिषद ने दिए ये सुझाव
- एडमिशन संबंधी सूचना 15 जून तक दें
- सीट निर्धारण या फिर बढ़ोतरी 30 जून तक की जाए
- जुलाई तक एडमिशन की अनुमति दी जाए
- बीए, बीएससी और बीकॉम की सीटें भी प्रवेश परीक्षा से भरी जाएं
- अनुमोदित शिक्षकों का ब्योरा आधार नंबर से जोड़ा जाए
गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध 300 निजी डिग्री कॉलेजों की शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता सुधरेगी। परीक्षा प्रणाली में भी सुधार किया जाएगा। इसके लिए कुलपति प्रो. वीके सिंह ने तीन सदस्यीय (रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक) कमेटी गठित की है। इसकी पहली मीटिंग मंगलवार को होगी। पांच निजी कॉलेजों के प्रिंसिपल मीटिंग का हिस्सा बनेंगे। इस तरह की पहल पहली बार की गई है।
स्व वित्तपोषित महाविद्यालय प्राचार्य परिषद के डॉ. प्रदीप राव, डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय, डॉ. उग्रसेन सिंह, डॉ. राजेंद्र शुक्ला और डॉ. राजेश कुमार धर दूबे ने कुलपति को ज्ञापन दिया। साथ ही कहा कि राजकीय और अनुदानित महाविद्यालयों की संख्या 28 है। इसमें 37 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में 300 निजी कॉलेज हैं। इनमें साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। इसका मतलब है कि निजी कॉलेजों में 90 फीसदी छात्र-छात्राएं हैं। अब एडमिशन, शिक्षकों की नियुक्ति के अनुमोदन, लैब और लाइब्रेरी का मानक दुरुस्त किए जाने चाहिए। इसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। इसका संज्ञान लेकर ही कुलपति ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
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परिषद ने दिए ये सुझाव
- एडमिशन संबंधी सूचना 15 जून तक दें
- सीट निर्धारण या फिर बढ़ोतरी 30 जून तक की जाए
- जुलाई तक एडमिशन की अनुमति दी जाए
- बीए, बीएससी और बीकॉम की सीटें भी प्रवेश परीक्षा से भरी जाएं
- अनुमोदित शिक्षकों का ब्योरा आधार नंबर से जोड़ा जाए