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रामलीला : ताड़का वध पर गूंजे श्रीराम के जयकारे
Updated Mon, 18 Sep 2017 08:03 PM IST
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गोरखपुर।
बर्डघाट में रामलीला के तीसरे दिन सोमवार को ताड़का वध मंचन किया गया। इस दौरान श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। वहीं कलाकारों के जीवंत अभिनय ने मंचन को यादगार बना दिया।
मंचन की शुरुआत भगवान श्रीराम की आरती से हुई। इसके बाद कलाकारों के बेहतरीन अभिनय का सिलसिला शुरू हुआ। ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ को भंग करने आई ताड़का राक्षसी ने हवन कुंड में खून की बारिश कर दी। उसके उत्पातों से परेशान होकर विश्वामित्र अपनी रक्षा के लिए भगवान से गुहार लगाते हैं। तभी आकाशवाणी होती है कि राक्षसों का नाश करने के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ है। वह यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम को मांगने अयोध्या नरेश के दरबार में पहुंच जाते हैं। पिता की आज्ञा लेकर श्रीराम विश्वामित्र के साथ उनके आश्रम जाते हैं। राक्षसी ताड़का का वध करके ऋषि विश्वामित्र को उसके उत्पातों से छुटकारा दिलाते हैं। ताड़का वध का मंचन होते ही रामलीला पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर अध्यक्ष पंकज गोयल, राजा बाबू, अनिल बरनवाल, अनुराग मझवार, बलवंत आर्य, चंद्र कुमार, राजेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।
बर्डघाट में रामलीला के तीसरे दिन सोमवार को ताड़का वध मंचन किया गया। इस दौरान श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। वहीं कलाकारों के जीवंत अभिनय ने मंचन को यादगार बना दिया।
मंचन की शुरुआत भगवान श्रीराम की आरती से हुई। इसके बाद कलाकारों के बेहतरीन अभिनय का सिलसिला शुरू हुआ। ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ को भंग करने आई ताड़का राक्षसी ने हवन कुंड में खून की बारिश कर दी। उसके उत्पातों से परेशान होकर विश्वामित्र अपनी रक्षा के लिए भगवान से गुहार लगाते हैं। तभी आकाशवाणी होती है कि राक्षसों का नाश करने के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ है। वह यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम को मांगने अयोध्या नरेश के दरबार में पहुंच जाते हैं। पिता की आज्ञा लेकर श्रीराम विश्वामित्र के साथ उनके आश्रम जाते हैं। राक्षसी ताड़का का वध करके ऋषि विश्वामित्र को उसके उत्पातों से छुटकारा दिलाते हैं। ताड़का वध का मंचन होते ही रामलीला पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर अध्यक्ष पंकज गोयल, राजा बाबू, अनिल बरनवाल, अनुराग मझवार, बलवंत आर्य, चंद्र कुमार, राजेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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