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नाराज किसानों ने नारेबाजी कर किया बहिष्कार
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:27 PM IST
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कुशीनगर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस का बुधवार को डीएम के नहीं आने से नाराज किसानों ने नारेबाजी करते हुए बहिष्कार कर दिया। किसानों ने दूरभाष से कमिश्नर को बताया तो उन्होंने डीएम से बात करने को कहा। डीएम से बात करने पर जिला कृषि अधिकारी से वार्ता करने को कहा गया। इस पर किसानों ने बहिष्कार के बाद मंडलायुक्त को फैक्स भेजकर नाराजगी जताई।
शासन के निर्देश पर हर महीने तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन होता है। डीएम की अध्यक्षता में होने वाले इस आयोजन में सीडीओ और जिला कृषि अधिकारी समेत किसानों से संबंधित अन्य विभागों के अफसर भी मौजूद रहते हैं। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा के अलावा सरकार की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं व योजनाओं पर चर्चा होती है। इस बुधवार को भी किसान दिवस का आयोजन किया गया था। परंतु यह कार्यक्रम डीएम आंद्रा वामसी के मौजूद न रहने के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गया। किसान डीएम की मौजूदगी में ही कार्यक्रम संपन्न कराने की मांग करने लगे। लमुहा के किसान छोटेलाल सिंह, दांदोपुर के किसान अजय कुमार सिंह, भिस्वा सरकारी के किसान राजीव राय, कटाई भरपुरवा के नंदकिशोर कुशवाहा आदि का कहना था कि डीएम अपने कैंप कार्यालय पर मौजूद थे, लेकिन वे किसानों की समस्या सुनने नहीं आए। डीएम के नहीं रहने पर उनकी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इन किसानों की अगुवाई कर रहे छोटेलाल सिंह का कहना था कि अगर वरिष्ठ अफसर मौजूद नहीं रहते हैं तो इस आयोजन का कोई मतलब नहीं है। इस मामले की जानकारी किसानों की तरफ से मंडलायुक्त को दूरभाष पर दी गई तो वहां से इन्हें डीएम से ही बात करने को कहा गया। डीएम से बात करने पर जिला कृषि अधिकारी से बात करने को कहा गया। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए सभागार से बाहर निकल गए। इस दौरान कमलेश श्रीवास्तव, महेंद्र मणि त्रिपाठी, व्यास सिंह, बच्चा सिंह, वशिष्ठ नारायण बरनवाल, अरुणेंद्र कुमार, जयराम, नगीना शुक्ल, सरजू शरण मौर्य, रामेश्वर शुक्ल, विजय कुमार शर्मा सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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शासन के निर्देश पर हर महीने तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन होता है। डीएम की अध्यक्षता में होने वाले इस आयोजन में सीडीओ और जिला कृषि अधिकारी समेत किसानों से संबंधित अन्य विभागों के अफसर भी मौजूद रहते हैं। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा के अलावा सरकार की तरफ से दी जाने वाली सुविधाओं व योजनाओं पर चर्चा होती है। इस बुधवार को भी किसान दिवस का आयोजन किया गया था। परंतु यह कार्यक्रम डीएम आंद्रा वामसी के मौजूद न रहने के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गया। किसान डीएम की मौजूदगी में ही कार्यक्रम संपन्न कराने की मांग करने लगे। लमुहा के किसान छोटेलाल सिंह, दांदोपुर के किसान अजय कुमार सिंह, भिस्वा सरकारी के किसान राजीव राय, कटाई भरपुरवा के नंदकिशोर कुशवाहा आदि का कहना था कि डीएम अपने कैंप कार्यालय पर मौजूद थे, लेकिन वे किसानों की समस्या सुनने नहीं आए। डीएम के नहीं रहने पर उनकी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इन किसानों की अगुवाई कर रहे छोटेलाल सिंह का कहना था कि अगर वरिष्ठ अफसर मौजूद नहीं रहते हैं तो इस आयोजन का कोई मतलब नहीं है। इस मामले की जानकारी किसानों की तरफ से मंडलायुक्त को दूरभाष पर दी गई तो वहां से इन्हें डीएम से ही बात करने को कहा गया। डीएम से बात करने पर जिला कृषि अधिकारी से बात करने को कहा गया। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए सभागार से बाहर निकल गए। इस दौरान कमलेश श्रीवास्तव, महेंद्र मणि त्रिपाठी, व्यास सिंह, बच्चा सिंह, वशिष्ठ नारायण बरनवाल, अरुणेंद्र कुमार, जयराम, नगीना शुक्ल, सरजू शरण मौर्य, रामेश्वर शुक्ल, विजय कुमार शर्मा सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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