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जिला अस्पताल में भिड़े चिकित्सक
Updated Thu, 08 Jun 2017 01:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
जिला चिकित्सालय में बुधवार को दो डॉक्टर आपस में भिड़ गए। वाकया एसआईसी कक्ष में हुआ। एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर की मौजूदगी में डॉक्टरों के बीच हाथापाई और कुर्सियां चलने की नौबत आ गई। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर बड़ा विवाद होने से रोक लिया। इसके बाद एसआईसी ने सभी विभागाें को पत्र जारी करते हुए ताकीद दी है कि बिना काम के कोई भी चिकित्सक उनके कार्यालय में न बैठे। ऐसा होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को अपराह्न तीन बजे के करीब डॉ. एसके यादव और डॉ. जेपी सिंह के बीच महराजगंज में तैनात एक महिला कांस्टेबल के मेडिकोलीगल को लेकर कहासुनी हो गई। एसआईसी कक्ष में कहासुनी तनातनी में तब्दील हो गई। बात हाथापाई से होते हुए कुर्सी उठाने तक पंहुच गई। किसी तरह से वहां मौजूद डॉ. अंबुज व अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। दूसरी ओर इस वाकये से नाराज एसआईसी ने कुछ देर बाद सभी विभागों को पत्र जारी करके बिना जरूरी काम के अपने दफ्तर में डॉक्टरों के बैठने पर रोक लगा दी। बता दें कि पिछले एसआईसी के कार्यकाल से कई चिकित्सकों के उनके दफ्तर में बैठने की रवायत शुरू हुई थी, जो बुधवार तक जारी थी। अब एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर ने पत्र भेजकर ताकीद दी है कि कोई आवश्यक काम होने पर ही डॉक्टर उनके दफ्तर में आएंगे। आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर।
जिला चिकित्सालय में बुधवार को दो डॉक्टर आपस में भिड़ गए। वाकया एसआईसी कक्ष में हुआ। एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर की मौजूदगी में डॉक्टरों के बीच हाथापाई और कुर्सियां चलने की नौबत आ गई। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने बीचबचाव कर बड़ा विवाद होने से रोक लिया। इसके बाद एसआईसी ने सभी विभागाें को पत्र जारी करते हुए ताकीद दी है कि बिना काम के कोई भी चिकित्सक उनके कार्यालय में न बैठे। ऐसा होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को अपराह्न तीन बजे के करीब डॉ. एसके यादव और डॉ. जेपी सिंह के बीच महराजगंज में तैनात एक महिला कांस्टेबल के मेडिकोलीगल को लेकर कहासुनी हो गई। एसआईसी कक्ष में कहासुनी तनातनी में तब्दील हो गई। बात हाथापाई से होते हुए कुर्सी उठाने तक पंहुच गई। किसी तरह से वहां मौजूद डॉ. अंबुज व अन्य लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। दूसरी ओर इस वाकये से नाराज एसआईसी ने कुछ देर बाद सभी विभागों को पत्र जारी करके बिना जरूरी काम के अपने दफ्तर में डॉक्टरों के बैठने पर रोक लगा दी। बता दें कि पिछले एसआईसी के कार्यकाल से कई चिकित्सकों के उनके दफ्तर में बैठने की रवायत शुरू हुई थी, जो बुधवार तक जारी थी। अब एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर ने पत्र भेजकर ताकीद दी है कि कोई आवश्यक काम होने पर ही डॉक्टर उनके दफ्तर में आएंगे। आदेश की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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