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ओडीएफ की खराब स्थिति पर नाराज हुए प्रमुख सचिव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 05 Apr 2018 08:17 PM IST
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बैठक करते प्रमुख सचिव।
- फोटो : Amar Ujala
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जेई और एईएस से बचाव के लिए आयोजित कार्यशाला में प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने जिले में ओडीएफ की स्थिति पर काफी नाराजगी जताई। साथ ही सभी ब्लॉकों के ईओ को एक सप्ताह में सभी डाटा अपडेट करने और एक महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। कहा कि सारे काम छोड़कर ओडीएफ का काम पूरा करें। अगर एक सप्ताह में डाटा अपडेट नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जीडीए सभागार में बृहस्पतिवार को एईएस की रोकथाम और बचाव के लिए आयोजित कार्यशाला में प्रमुख सचिव ने कहा कि एईएस की रोकथाम में गांव और शहर का शौचमुक्त होना पहली जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि अब तक आंकड़ों के अनुसार इंसेफेलाइटिस से बीमार लोगोें की संख्या मई के अंतिम सप्ताह से बढ़ने लगती है। ऐसे में सभी आवश्यक तैयारी 15 मई तक पूरा कर लें। कार्यशाला में अखिलेश गौतम, डॉ. अभय बघेल, कुमारी सीमा तथा विकास रस्तोगी ने आवश्यक जानकारी दिया। इसमें गोरखपुर बस्ती मंडल के नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गण उपस्थित रहें।
गांवों में शुद्ध पेयजल की होगी व्यवस्था
गोरखपुर बस्ती मंडल के सात जिलों के 48 नगर निकायों में सफ ाई, शुद्ध पेयजल और शौचालय निर्माण का कार्य प्रमुखता से कराना है। स्वच्छता के अंतर्गत नालियों झाड़-झंखाड़ की सफ ाई, कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था, निशुल्क जमीन न मिलने पर खरीदने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। साथ ही प्रमुख सचिव ने पानी की सभी टंकियों की सफाई कराकर क्लोरीनेशन करने, लीकेज ठीक कराने, इंडिया मार्क टू हैंडपंप में भी क्लोरीनेशन कराने के साथ दूरस्थ या मलिन बस्ती जहां जलापूर्ति नहीं है, वहां वाटर एटीएम लगाने का निर्देश दिया। 2500 से अधिक आबादी पर यह एटीएम लगेगा तथा प्रतिव्यक्ति पांच से 15 लीटर पानी की व्यवस्था होगी।
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मलिन बस्तियों के लिए 20 मोबाइल टॉयलेट
कार्यशाला में गोरखपुर के नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि 110 मलिन बस्तियों में स्वच्छता अभियान चल रहा है। सभी 70 वार्डों के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। मलिन बस्ती में 20 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे।
ब्लॉक प्रमुख के अधिकार सीज कराने की चेतावनी
कार्यशाला के दौरान महराजगंज के एक ब्लॉक के ईओ ने दूसरी किस्त की राशि ब्लॉकप्रमुख द्वारा जारी नहीं करने की जानकारी पर प्रमुख सचिव ने ब्लॉक प्रमुख के अधिकार सीज करने और ईओ को सस्पेंड करने की चेतावनी दी।
पहली किस्त लेकर भी नहीं बना रहे शौचालय
कार्यशाला के दौरान कई ब्लॉकों के ईओ ने पहली किस्त लेने के बाद शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे को पाटने की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने ऐसे लोगों से रिकवरी करने का आदेश दिया है।
दो अक्टूबर तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य
प्रमुख सचिव नगर विकास ने कहा कि व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण 15 मई तक पूरा हो जाए। जहां इस अवधि तक शौचालय बनाना संभव न हो, वहां परिवारों को सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय से जोड़ा जाएं, ताकि वे खुले में शौच न जायें। यदि यह भी संभव न हो तो वहां मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाए। दो अक्टूबर तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है।
जेई, एईएस से मृत्यु दर घटकर 11 प्रतिशत हुआ
कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष संचालित स्वच्छता अभियान से इंसेफेलाइटिस में कमी आई है। मृत्यु दर भी 25 से घटकर 11 प्रतिशत हुआ है। इसलिए इस अभियान को आगे भी जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।
स्क्रब टाइफस और चूहों के नियंत्रण का चलेगा अभियान
डीएम के. विजयेद्र पांडियन ने कहा कि स्क्रब टाइफ स, चूहा आदि पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा। बुखार के सभी मामलों की रिपोर्ट करने के लिए एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। बुखार के रोगी को तत्काल सीएचसी, पीएचसी और जिला चिकित्सालय पहुंचाया जाएगा। इसमें 108 नंबर एंबुलेंस की मदद भी ली जाएगी।
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जीडीए सभागार में बृहस्पतिवार को एईएस की रोकथाम और बचाव के लिए आयोजित कार्यशाला में प्रमुख सचिव ने कहा कि एईएस की रोकथाम में गांव और शहर का शौचमुक्त होना पहली जरूरत है। उन्हाेंने कहा कि अब तक आंकड़ों के अनुसार इंसेफेलाइटिस से बीमार लोगोें की संख्या मई के अंतिम सप्ताह से बढ़ने लगती है। ऐसे में सभी आवश्यक तैयारी 15 मई तक पूरा कर लें। कार्यशाला में अखिलेश गौतम, डॉ. अभय बघेल, कुमारी सीमा तथा विकास रस्तोगी ने आवश्यक जानकारी दिया। इसमें गोरखपुर बस्ती मंडल के नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी गण उपस्थित रहें।
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गांवों में शुद्ध पेयजल की होगी व्यवस्था
गोरखपुर बस्ती मंडल के सात जिलों के 48 नगर निकायों में सफ ाई, शुद्ध पेयजल और शौचालय निर्माण का कार्य प्रमुखता से कराना है। स्वच्छता के अंतर्गत नालियों झाड़-झंखाड़ की सफ ाई, कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था, निशुल्क जमीन न मिलने पर खरीदने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। साथ ही प्रमुख सचिव ने पानी की सभी टंकियों की सफाई कराकर क्लोरीनेशन करने, लीकेज ठीक कराने, इंडिया मार्क टू हैंडपंप में भी क्लोरीनेशन कराने के साथ दूरस्थ या मलिन बस्ती जहां जलापूर्ति नहीं है, वहां वाटर एटीएम लगाने का निर्देश दिया। 2500 से अधिक आबादी पर यह एटीएम लगेगा तथा प्रतिव्यक्ति पांच से 15 लीटर पानी की व्यवस्था होगी।
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मलिन बस्तियों के लिए 20 मोबाइल टॉयलेट
कार्यशाला में गोरखपुर के नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि 110 मलिन बस्तियों में स्वच्छता अभियान चल रहा है। सभी 70 वार्डों के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। मलिन बस्ती में 20 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे।
ब्लॉक प्रमुख के अधिकार सीज कराने की चेतावनी
कार्यशाला के दौरान महराजगंज के एक ब्लॉक के ईओ ने दूसरी किस्त की राशि ब्लॉकप्रमुख द्वारा जारी नहीं करने की जानकारी पर प्रमुख सचिव ने ब्लॉक प्रमुख के अधिकार सीज करने और ईओ को सस्पेंड करने की चेतावनी दी।
पहली किस्त लेकर भी नहीं बना रहे शौचालय
कार्यशाला के दौरान कई ब्लॉकों के ईओ ने पहली किस्त लेने के बाद शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे को पाटने की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने ऐसे लोगों से रिकवरी करने का आदेश दिया है।
दो अक्टूबर तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त बनाने का लक्ष्य
प्रमुख सचिव नगर विकास ने कहा कि व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण 15 मई तक पूरा हो जाए। जहां इस अवधि तक शौचालय बनाना संभव न हो, वहां परिवारों को सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय से जोड़ा जाएं, ताकि वे खुले में शौच न जायें। यदि यह भी संभव न हो तो वहां मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था की जाए। दो अक्टूबर तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त बनाना है।
जेई, एईएस से मृत्यु दर घटकर 11 प्रतिशत हुआ
कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष संचालित स्वच्छता अभियान से इंसेफेलाइटिस में कमी आई है। मृत्यु दर भी 25 से घटकर 11 प्रतिशत हुआ है। इसलिए इस अभियान को आगे भी जारी रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सुविधाएं भी बढ़ाई गई हैं।
स्क्रब टाइफस और चूहों के नियंत्रण का चलेगा अभियान
डीएम के. विजयेद्र पांडियन ने कहा कि स्क्रब टाइफ स, चूहा आदि पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जाएगा। बुखार के सभी मामलों की रिपोर्ट करने के लिए एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। बुखार के रोगी को तत्काल सीएचसी, पीएचसी और जिला चिकित्सालय पहुंचाया जाएगा। इसमें 108 नंबर एंबुलेंस की मदद भी ली जाएगी।