{"_id":"5a71da8c4f1c1ba1268b78a7","slug":"21517410956-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धा के साथ याद किए गए संत रविदास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धा के साथ याद किए गए संत रविदास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 31 Jan 2018 08:45 PM IST
विज्ञापन
संत रविदास की जयंती पर झांकियां निकाली गईं।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संत रविदास की जयंती बुधवार को शहर में धूमधाम से मनाई गई। एक ओर रविदास महासभा की ओर से शोभायात्रा निकालकर संत को शत-शत नमन किया गया तो दूसरी ओर विभिन्न स्थानों पर विचार गोष्ठी का आयोजन कर उनके प्रति श्रद्धा निवेदित की गई।
शोभायात्रा की शुरुआत प्राचीन संत रविदास मंदिर अलवापुर से हुई। इससे पहले इलाहीबाग, अधियारीबाग, हुमायूंपुर, नरसिंहपुर, तुर्कमानपुर, अंबेडकरनगर पचपेड़वा, गाजीरौजा, हजारीपुर, नरवापार, मोहनलालपुर, माधोपुर, तिवारीपुर आदि मोहल्लों से झांकियां निकाली गईं। ये झांकियां मंदिर पहुंची तो वहां से एक साथ शोभायात्रा के रूप में महासभा के अध्यक्ष विश्वनाथ की अगुवाई में शहर में निकलीं। संत रविदास मार्ग, दुर्गाबाड़ी, आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, घंटाघर, लालडिग्गी, घासीकटरा एवं जाफरा बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर शोभायात्रा समाप्त हुई। इसके बाद प्रार्थना सभा हुई। मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल प्रसाद, हरिशरण गौतम, बीआर विप्लवी, पारसनाथ जिज्ञासु, द्रुपद राम, शिवचंद राम आदि इस मौके पर मौजूद रहे।
श्री संत शिरोमणि रविदास मंदिर में मंदिर समिति की ओर से जयंती मनाई गई। अध्यक्षता मानसिंह व संचालन प्यारेलाल ने किया। मुख्य अतिथि राधेश्याम सेहरा, राममूरत प्रसाद निर्मल, कुद्दूस अली, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे। डीवीएनपीजी कॉलेज में हुई संगोष्ठी में राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा गोपाल मिश्र ने कहा कि संत रविदास के विचार एवं आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। राजशरण शाही, प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया।
विज्ञापन
एमपी पॉलिटेक्निक में प्रधानाचार्य मेजर पाटेश्वरी सिंह, अनुराग कुमार, नरेश विश्वकर्मा आदि ने संत की जीवनगाथा सुनाई। एमपी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य अरुण सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य नर्वदेश्वर, अनिल कुमार, विश्वंभर सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित किया।
डॉ. बीआर अंबेडकर विकास समिति ने बशारतपुर दक्षिणी स्थित प्राथमिक पाठशाला में संगोष्ठी हुई। अध्यक्ष शिवनरायन, जीतई प्रसाद, रामदुलारे, सुरेंद्र आदि ने इसे संबोधित किया। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में संगोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
एमएमएमयूटी के आर्यभट्ट सभागार में भी संत रविदास की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि रविदास न केवल महान संत और कवि थे, बल्कि उच्च कोटि के दार्शनिक और समाज-सुधारक भी थे।
विज्ञापन
शोभायात्रा की शुरुआत प्राचीन संत रविदास मंदिर अलवापुर से हुई। इससे पहले इलाहीबाग, अधियारीबाग, हुमायूंपुर, नरसिंहपुर, तुर्कमानपुर, अंबेडकरनगर पचपेड़वा, गाजीरौजा, हजारीपुर, नरवापार, मोहनलालपुर, माधोपुर, तिवारीपुर आदि मोहल्लों से झांकियां निकाली गईं। ये झांकियां मंदिर पहुंची तो वहां से एक साथ शोभायात्रा के रूप में महासभा के अध्यक्ष विश्वनाथ की अगुवाई में शहर में निकलीं। संत रविदास मार्ग, दुर्गाबाड़ी, आर्यनगर, बक्शीपुर, नखास चौक, घंटाघर, लालडिग्गी, घासीकटरा एवं जाफरा बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर शोभायात्रा समाप्त हुई। इसके बाद प्रार्थना सभा हुई। मुख्य अतिथि डॉ. गोपाल प्रसाद, हरिशरण गौतम, बीआर विप्लवी, पारसनाथ जिज्ञासु, द्रुपद राम, शिवचंद राम आदि इस मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
श्री संत शिरोमणि रविदास मंदिर में मंदिर समिति की ओर से जयंती मनाई गई। अध्यक्षता मानसिंह व संचालन प्यारेलाल ने किया। मुख्य अतिथि राधेश्याम सेहरा, राममूरत प्रसाद निर्मल, कुद्दूस अली, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे। डीवीएनपीजी कॉलेज में हुई संगोष्ठी में राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा गोपाल मिश्र ने कहा कि संत रविदास के विचार एवं आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। राजशरण शाही, प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया।
विज्ञापन
एमपी पॉलिटेक्निक में प्रधानाचार्य मेजर पाटेश्वरी सिंह, अनुराग कुमार, नरेश विश्वकर्मा आदि ने संत की जीवनगाथा सुनाई। एमपी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य अरुण सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य नर्वदेश्वर, अनिल कुमार, विश्वंभर सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित किया।
डॉ. बीआर अंबेडकर विकास समिति ने बशारतपुर दक्षिणी स्थित प्राथमिक पाठशाला में संगोष्ठी हुई। अध्यक्ष शिवनरायन, जीतई प्रसाद, रामदुलारे, सुरेंद्र आदि ने इसे संबोधित किया। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में संगोष्ठी हुई। इसमें वक्ताओं ने संत रविदास के जीवन एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
एमएमएमयूटी के आर्यभट्ट सभागार में भी संत रविदास की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि रविदास न केवल महान संत और कवि थे, बल्कि उच्च कोटि के दार्शनिक और समाज-सुधारक भी थे।