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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Mon, 18 Sep 2017 08:07 PM IST
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गोरखपुर।
लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर एवं सहायिकाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को नगर निगम पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार की वादाखिलाफी शुरू की गई यह लड़ाई तब तक जारी रखी जाएगी जब तक मानदेय बढ़ाने की घोषणा नहीं हो जाती।
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका वेलफयेर ऐसोसिएशन के बैनर तले नगर निगम पार्क में एकत्रित हुईं जिले भर की आंगनबाड़ी वर्क र एवं सहायिकाएं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने कहा कि सांसद के रूप में योगी ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आवाज उठाई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने अपने घोषणा-पत्र में कहा था कि भाजपा की सरकार बनने के बाद आंगनबाड़ी वर्कर का मानदेय सम्मानजनक किया जाएगा। अब सरकार उसे भूल रही है। वह कई बार सीएम से मिलीं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। पहले 120 दिन में मानदेय बढ़ाने की बात कही गई थी। सरकार के छह माह पूरे हो गए, लेकिन वादा नहीं निभाया गया। ऐसे में मजबूर होकर विरोध-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। धरने में गीता पांडे, पुष्पा शुक्ला, सपना सिंह, संगीता आर्या, मीना सिंह, मालती, नाहिदा निशा, सरिता पासवान, नूतन राय, शोभा, चिंता देवी सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाएं मौजूद थीं।
क्या हैं प्रमुख मांगें
आंगनबाड़ी सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए
आंगनबाड़ी वर्करों का न्यूनतम वेतन 18 हजार व सहायिकाओं का वेतन 9 हजार किया जाए
योग्यता के आधार पर आंगनबाड़ी वर्करों को शत प्रतिशत मुख्य सेविका बनाया जाए
पोषाहार की गुणवत्ता में सुधार किया जाए
आंगनबाड़ी को प्रधानों अलग किया जाए
लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर एवं सहायिकाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को नगर निगम पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार की वादाखिलाफी शुरू की गई यह लड़ाई तब तक जारी रखी जाएगी जब तक मानदेय बढ़ाने की घोषणा नहीं हो जाती।
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका वेलफयेर ऐसोसिएशन के बैनर तले नगर निगम पार्क में एकत्रित हुईं जिले भर की आंगनबाड़ी वर्क र एवं सहायिकाएं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने कहा कि सांसद के रूप में योगी ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा आवाज उठाई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने अपने घोषणा-पत्र में कहा था कि भाजपा की सरकार बनने के बाद आंगनबाड़ी वर्कर का मानदेय सम्मानजनक किया जाएगा। अब सरकार उसे भूल रही है। वह कई बार सीएम से मिलीं लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। पहले 120 दिन में मानदेय बढ़ाने की बात कही गई थी। सरकार के छह माह पूरे हो गए, लेकिन वादा नहीं निभाया गया। ऐसे में मजबूर होकर विरोध-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। धरने में गीता पांडे, पुष्पा शुक्ला, सपना सिंह, संगीता आर्या, मीना सिंह, मालती, नाहिदा निशा, सरिता पासवान, नूतन राय, शोभा, चिंता देवी सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर व सहायिकाएं मौजूद थीं।
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क्या हैं प्रमुख मांगें
आंगनबाड़ी सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए
आंगनबाड़ी वर्करों का न्यूनतम वेतन 18 हजार व सहायिकाओं का वेतन 9 हजार किया जाए
योग्यता के आधार पर आंगनबाड़ी वर्करों को शत प्रतिशत मुख्य सेविका बनाया जाए
पोषाहार की गुणवत्ता में सुधार किया जाए
आंगनबाड़ी को प्रधानों अलग किया जाए