{"_id":"59877c514f1c1b173e8b45e9","slug":"21502051409-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नक्षत्रशाला जाकर देखें चंद्रग्रहण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नक्षत्रशाला जाकर देखें चंद्रग्रहण
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। चंद्रग्रहण में चांद की खूबसूरती का दीदार करने की इच्छा रखने वाले लोगों को क्षेत्रीय नक्षत्रशाला निशुल्क चंद्रग्रहण देखने का मौका देगा। सोमवार रात 10:45 बजे लगने वाला चंद्रग्रहण देखने के लिए नक्षत्रशाला में डॉब स्कोनियन टेलीस्कोप की मदद ली जाएगी। इस टेलीस्कोप की मदद से ब्रह्मांड के किसी भी आकाशीय पिंड को 30 गुना अधिक जूम करके देखा जा सकता है। चंद्रग्रहण के समय चांद की पृथ्वी से दूरी 3 लाख 84 हजार 366.6 किलोमीटर तक होगी। पूर्ण चंद्रग्रहण पिछली बार 16 सितंबर 2016 को लगा था। इसके बाद 7 अगस्त को एक बार फिर पूर्ण चंद्रग्रहण देखा जा सकता है।
नक्षत्रशाला के प्रशिक्षक अमर पाल सिंह ने बताया कि आंशिक चंद्रग्रहण हर तीन से चार महीने के अंतराल पर देखा जा सकता है, मगर पूर्ण चंद्रग्रहण साल में एक बार से ज्यादा नहीं लगता। चंद्रमा जब पृथ्वी से पांच डिग्री माउंटिंग पोजिशन पर होता है तो पूर्ण चंद्रग्रहण होता है। इस दौरान चांद की खूबसूरती दस गुना बढ़ जाती है। टेलीस्कोप की मदद से इसे देखा सकता है।
चंद्रग्रहण के समय चांद की खूबसूरती को देखने के लिए क्षेत्रीय नक्षत्रशाला तैयारियों में जुटा है। रात 10 से 12 बजे तक शहरवासी निशुल्क इसका लुत्फ टेलीस्कोप की मदद से उठा सकेंगे।
विज्ञापन
- सुरेश चंद्र, वैज्ञानिक अधिकारी, क्षेत्रीय नक्षत्रशाला
नक्षत्रशाला के प्रशिक्षक अमर पाल सिंह ने बताया कि आंशिक चंद्रग्रहण हर तीन से चार महीने के अंतराल पर देखा जा सकता है, मगर पूर्ण चंद्रग्रहण साल में एक बार से ज्यादा नहीं लगता। चंद्रमा जब पृथ्वी से पांच डिग्री माउंटिंग पोजिशन पर होता है तो पूर्ण चंद्रग्रहण होता है। इस दौरान चांद की खूबसूरती दस गुना बढ़ जाती है। टेलीस्कोप की मदद से इसे देखा सकता है।
विज्ञापन
चंद्रग्रहण के समय चांद की खूबसूरती को देखने के लिए क्षेत्रीय नक्षत्रशाला तैयारियों में जुटा है। रात 10 से 12 बजे तक शहरवासी निशुल्क इसका लुत्फ टेलीस्कोप की मदद से उठा सकेंगे।
विज्ञापन
- सुरेश चंद्र, वैज्ञानिक अधिकारी, क्षेत्रीय नक्षत्रशाला