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सेंसर से चलेंगे शहर के ट्यूबवेल
Updated Sat, 17 Jun 2017 02:20 AM IST
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राजीव रंजन
गोरखपुर। जल्द ही शहरियों को पानी की किल्लत की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। शहर के बड़े ट्यूबवेल और ओवरहैड टैंक (ओएचटी) सेंसरयुक्त प्रणाली से लैस होने जा रहे हैं। स्काडा आधारित इस ऑटोमाइजेशन योजना के लिए जल निगम को पहली किस्त में 1.40 करोड़ रुपये मिल गए हैं। शासन ने टेंडर के आधार पर फर्म भी निर्धारित कर दिया है।
शहर में 58 ट्यूबवेल और 21 बड़े ओवरहेड टैंक हैं। ट्यूबवेल ऑपरेटरों की वजह से अक्सर विभिन्न इलाकों में पानी की समस्या हो जाती है। ऑपरेटर कभी टंकी नहीं भरते और कभी समय से ट्यूबवेल स्टार्ट नहीं करते। स्काडा आधारित ऑटोमाइजेशन प्रणाली के तहत इन सभी ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक को सेंसर प्रणाली से लैस कर दिया जाएगा।
ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
ट्यूबवेल और टंकियों को सेंसर प्रणाली से लैस कर देने से बिजली रहने पर निर्धारित समय पर ट्यूबवेल अपने आप स्टार्ट हो जाएंगे। वाल्व भी खुद ही खुल जाएंगे और पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। वहीं जब भी टंकी खाली होगी, तो सेंसर के सक्रिय होने के बाद मोटर ऑन होगा और पानी की टंकी भरने लगेगी। पूरा सिस्टम कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेगा, जहां सभी ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक की पूरी रिपोर्ट यानी टंकी के खाली होने, मोटर के चालू होने और बंद होने, पानी की मात्रा, फॉल्ट आदि की जानकारी भी दर्ज होगी। पूरी जानकारी कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबरों पर मिलती रहेगी।
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- स्काडा आधारित इस तकनीक से शहर के सभी बड़े ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक (ओएचटी) ऑटोमाइज्ड कर दिए जाएंगे। करीब 8.50 करोड़ की इस योजना के लिए पहली किस्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये मिल गए हैं। मुख्यालय से निविदा के बाद फर्म को फाइनल कर दिया गया है। जल्द ही यह काम शुरू कर दिया जाएगा।
- बीएन राय, अधिशासी अभियंता, जल निगम
गोरखपुर। जल्द ही शहरियों को पानी की किल्लत की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। शहर के बड़े ट्यूबवेल और ओवरहैड टैंक (ओएचटी) सेंसरयुक्त प्रणाली से लैस होने जा रहे हैं। स्काडा आधारित इस ऑटोमाइजेशन योजना के लिए जल निगम को पहली किस्त में 1.40 करोड़ रुपये मिल गए हैं। शासन ने टेंडर के आधार पर फर्म भी निर्धारित कर दिया है।
शहर में 58 ट्यूबवेल और 21 बड़े ओवरहेड टैंक हैं। ट्यूबवेल ऑपरेटरों की वजह से अक्सर विभिन्न इलाकों में पानी की समस्या हो जाती है। ऑपरेटर कभी टंकी नहीं भरते और कभी समय से ट्यूबवेल स्टार्ट नहीं करते। स्काडा आधारित ऑटोमाइजेशन प्रणाली के तहत इन सभी ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक को सेंसर प्रणाली से लैस कर दिया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा यह सिस्टम
ट्यूबवेल और टंकियों को सेंसर प्रणाली से लैस कर देने से बिजली रहने पर निर्धारित समय पर ट्यूबवेल अपने आप स्टार्ट हो जाएंगे। वाल्व भी खुद ही खुल जाएंगे और पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। वहीं जब भी टंकी खाली होगी, तो सेंसर के सक्रिय होने के बाद मोटर ऑन होगा और पानी की टंकी भरने लगेगी। पूरा सिस्टम कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेगा, जहां सभी ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक की पूरी रिपोर्ट यानी टंकी के खाली होने, मोटर के चालू होने और बंद होने, पानी की मात्रा, फॉल्ट आदि की जानकारी भी दर्ज होगी। पूरी जानकारी कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबरों पर मिलती रहेगी।
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- स्काडा आधारित इस तकनीक से शहर के सभी बड़े ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक (ओएचटी) ऑटोमाइज्ड कर दिए जाएंगे। करीब 8.50 करोड़ की इस योजना के लिए पहली किस्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपये मिल गए हैं। मुख्यालय से निविदा के बाद फर्म को फाइनल कर दिया गया है। जल्द ही यह काम शुरू कर दिया जाएगा।
- बीएन राय, अधिशासी अभियंता, जल निगम