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बरती गई सख्ती तो पहुंची 210 बसें
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 22 Jan 2017 01:32 AM IST
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फिटनेस की जांच कराने आरटीओ दफ्तर पहुंची स्कूली बसें।
- फोटो : Amar Ujala
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शासन स्तर से सख्ती बरती जाने के बाद फिटनेस की जांच के लिए शनिवार को 210 स्कूली बसें आरटीओ दफ्तर पहुंची। इसके अलावा सघन चेकिंग अभियान चलाकर छह बसों समेत दस वाहनों को सीज कर 70 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
एटा में स्कूली बस हादसा होने के बाद शासन स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ शासन बहुत सख्त हो गया है। नतीजतन स्कूलों की बसों की जांच-पड़ताल के लिए रविवार को भी आरटीओ दफ्तर खोलकर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस कड़ी में शनिवार को एक-एक कर 210 स्कूली बसें आरटीओ दफ्तर पहुंची, जिनका भौतिक सत्यापन करने के बाद उन्हें लौटा दिया गया।
इसके अलावा चेकिंग अभियान चला करके 37 बसों का चालान किया गया और छह बस, दो व्यावसायिक वैन व दो निजी वैन को सीज कर दिया गया। आरटीओ (प्रवर्तन) राकेश सिंह ने बताया कि सीज और चालान करने की कार्रवाई उन्हीं वाहनोें के खिलाफ की गई है, जिसके चालक फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। उनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस मिला न ही विभाग में टैक्स जमा के कागजात ही थे।
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जाम से घिरा रहा आरटीओ दफ्तर
स्कूली बसों के पहुंचने से आरटीओ परिसर समेत आसपास की सड़क पर जाम लगा रहा। करीब एक किलोमीटर तक आरटीओ रोड पर कार, मोटरसाइकिल, रिक्शा, बसों की लंबी कतारें लगी रहीं। जानकारी मिलने आरटीओ (प्रवर्तन) राकेश सिंह अपने चैंबर से बाहर आए और एआरटीओ समेत अन्य कर्मचारियों जाम खुलवाने में लगाया। घंटे भर की मशक्कत के बाद जाम खुल सका। बाद में बड़ी बसों को आरटीओ दफ्तर परिसर में आने से मना कर दिया गया और उन्हें बाहर ही खड़ा रखने को कहा गया।
आज भी होगी फिटनेस की जांच
सघन चेकिंग अभियान के साथ ही रविवार को भी आरटीओ दफ्तर खुला रहेगा और स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी। आरटीओ राकेश सिंह ने बताया कि शनिवार को स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन किया गया। वाहनों में जो कमियां थीं। उसे दूर कर लाने को कहा गया। इसके अलावा स्कूल और प्रधानाचार्य का नाम और टेलीफोन नंबर लिखे हुए फाइल को जमा कराया गया है। फाइल में रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण संबंधी प्रमाण पत्र को संलग्न कराया गया है। इसकी जांच की जा रही है।
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एटा में स्कूली बस हादसा होने के बाद शासन स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ शासन बहुत सख्त हो गया है। नतीजतन स्कूलों की बसों की जांच-पड़ताल के लिए रविवार को भी आरटीओ दफ्तर खोलकर कार्रवाई का निर्देश दिया। इस कड़ी में शनिवार को एक-एक कर 210 स्कूली बसें आरटीओ दफ्तर पहुंची, जिनका भौतिक सत्यापन करने के बाद उन्हें लौटा दिया गया।
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इसके अलावा चेकिंग अभियान चला करके 37 बसों का चालान किया गया और छह बस, दो व्यावसायिक वैन व दो निजी वैन को सीज कर दिया गया। आरटीओ (प्रवर्तन) राकेश सिंह ने बताया कि सीज और चालान करने की कार्रवाई उन्हीं वाहनोें के खिलाफ की गई है, जिसके चालक फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके। उनके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस मिला न ही विभाग में टैक्स जमा के कागजात ही थे।
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जाम से घिरा रहा आरटीओ दफ्तर
स्कूली बसों के पहुंचने से आरटीओ परिसर समेत आसपास की सड़क पर जाम लगा रहा। करीब एक किलोमीटर तक आरटीओ रोड पर कार, मोटरसाइकिल, रिक्शा, बसों की लंबी कतारें लगी रहीं। जानकारी मिलने आरटीओ (प्रवर्तन) राकेश सिंह अपने चैंबर से बाहर आए और एआरटीओ समेत अन्य कर्मचारियों जाम खुलवाने में लगाया। घंटे भर की मशक्कत के बाद जाम खुल सका। बाद में बड़ी बसों को आरटीओ दफ्तर परिसर में आने से मना कर दिया गया और उन्हें बाहर ही खड़ा रखने को कहा गया।
आज भी होगी फिटनेस की जांच
सघन चेकिंग अभियान के साथ ही रविवार को भी आरटीओ दफ्तर खुला रहेगा और स्कूली वाहनों की जांच की जाएगी। आरटीओ राकेश सिंह ने बताया कि शनिवार को स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन किया गया। वाहनों में जो कमियां थीं। उसे दूर कर लाने को कहा गया। इसके अलावा स्कूल और प्रधानाचार्य का नाम और टेलीफोन नंबर लिखे हुए फाइल को जमा कराया गया है। फाइल में रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण संबंधी प्रमाण पत्र को संलग्न कराया गया है। इसकी जांच की जा रही है।