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सावधान : खेत में डंठल जलाई तो 15 हजार तक जुर्माना
Fri, 19 Apr 2019 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 01:49 AM IST
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गोरखपुर। कंबाइन से फसल काटने के बाद डंठल को आप खेत में ही जला देते हैं तो सावधान हो जाइए। ऐसा करने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद प्रशासन और कृषि विभाग ने खेतों में फसल का अपशिष्ट जलाने पर जुर्माने की रकम तय कर दी है। साथ ही खेत में कंबाइन चलते समय उसके साथ रीपर न होने पर कंबाइन मालिक पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
उप निदेशक कृषि संजय सिंह ने बताया कि खेत में फसल अपशिष्ट जलाने वाले दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 2500 रुपये प्रति घटना जबकि दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से पांच हजार प्रति घटना की दर से क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15 हजार रुपये प्रति घटना दंड का प्रावधान किया गया है। गेहूं की फ सल कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर मशीन का प्रयोग करने वालों को रीपर अनिवार्य तौर पर रखना होगा। ऐसा न करने पर कंबाइन मालिकों पर मुकदमा भी दायर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खेत में फसल अपशिष्ट जलाने से मृदा की उर्वरकता कम हो जाती है। इस अपशिष्ट को खेत में ही पलटकर दबाने से यह बेहतरीन खाद का काम करती है। कंबाइन के साथ प्रयोग होने वाला रीपर पशुओं के भूसे की समस्या का सबसे बेहतर निदान है।
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नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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उप निदेशक कृषि संजय सिंह ने बताया कि खेत में फसल अपशिष्ट जलाने वाले दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 2500 रुपये प्रति घटना जबकि दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ से कम भूमि वाले किसानों से पांच हजार प्रति घटना की दर से क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15 हजार रुपये प्रति घटना दंड का प्रावधान किया गया है। गेहूं की फ सल कटाई के लिए कंबाइन हार्वेस्टर मशीन का प्रयोग करने वालों को रीपर अनिवार्य तौर पर रखना होगा। ऐसा न करने पर कंबाइन मालिकों पर मुकदमा भी दायर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खेत में फसल अपशिष्ट जलाने से मृदा की उर्वरकता कम हो जाती है। इस अपशिष्ट को खेत में ही पलटकर दबाने से यह बेहतरीन खाद का काम करती है। कंबाइन के साथ प्रयोग होने वाला रीपर पशुओं के भूसे की समस्या का सबसे बेहतर निदान है।
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180030024088 पर 72 घंटे में दर्ज करा दें शिकायत
उप निदेशक कृषि संजय सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फ सल बीमा योजना के तहत बीमित किसान की फ सल की कटाई के बाद अगर 15 दिनों तक खेत में सूखने के लिए रखी गई है और इस दौरान ओलावृष्टि, भूस्खलन, प्राकृतिक आग या बिजली से फ सल का नुकसान होता है तो क्षति का आंकलन व्यक्तिगत बीमित किसान के स्तर पर किया जाएगा। किसान इसकी सूचना 72 घंटे में 180030024088 पर दर्ज कराएं।
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