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स्वास्थ्य विभाग में कई ‘सीएमओ’
Tue, 12 Feb 2019 10:34 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 12 Feb 2019 10:34 PM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करतीं प्रभारी डीएम और सीडीओ हर्षिता माथुर।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। लोकसभा चुनाव की तैयारियों के क्रम में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित आंकडे़ न दे पाने पर प्रभारी डीएम के तेवर तल्ख हो उठीं। बैठक में मौजूद डिप्टी सीएमओ से कहा, स्वास्थ्य विभाग में कई सीएमओ हैं, जो समय-समय पर बैठकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसका उन्हें प्राथमिक जानकारी ही नहीं रहती।
बैठक में चुनाव की तैयारियों के क्रम में प्रपत्र एक व दो समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी ली जा रही थी। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चौधरी ने आंकड़े बता पाने में असमर्थता जाहिर की। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर ने समय-समय पर बैठकों में किसी न किसी चिकित्साधिकारी की सहभागिता पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि सीएमओ अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। प्रतिनिधित्व करने वालों के पास कोई जानकारी नहीं रहती है। भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर दोषी का वेतन रोका जाएगा। सीडीओ ने सभी अधिकारियों को अवगत कराया कि मतदान कार्मिकों के डाटाबेस तैयार किए जाने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। नामित नोडल अधिकारी को आवंटित समस्त कार्यालयों की डाटा इंट्री सात दिनों के अंदर पूरा करनी है। सभी कार्यालयों का यूजर आईडी/पासवर्ड जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। सभी नोडल अधिकारी समस्त कार्यालयों का प्रारूप-1 प्रत्येक दशा में अविलंब उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। डीडीओ राजेन्द्र प्रसाद, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश सिंह, डीएफओ वीके मिश्र, डीपीआरओ अनिल सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा उपस्थिति रहीं।
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बैठक में चुनाव की तैयारियों के क्रम में प्रपत्र एक व दो समेत अन्य बिंदुओं की जानकारी ली जा रही थी। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चौधरी ने आंकड़े बता पाने में असमर्थता जाहिर की। इस पर प्रभारी जिलाधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर ने समय-समय पर बैठकों में किसी न किसी चिकित्साधिकारी की सहभागिता पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि सीएमओ अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। प्रतिनिधित्व करने वालों के पास कोई जानकारी नहीं रहती है। भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर दोषी का वेतन रोका जाएगा। सीडीओ ने सभी अधिकारियों को अवगत कराया कि मतदान कार्मिकों के डाटाबेस तैयार किए जाने के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। नामित नोडल अधिकारी को आवंटित समस्त कार्यालयों की डाटा इंट्री सात दिनों के अंदर पूरा करनी है। सभी कार्यालयों का यूजर आईडी/पासवर्ड जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। सभी नोडल अधिकारी समस्त कार्यालयों का प्रारूप-1 प्रत्येक दशा में अविलंब उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। डीडीओ राजेन्द्र प्रसाद, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश सिंह, डीएफओ वीके मिश्र, डीपीआरओ अनिल सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा उपस्थिति रहीं।
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