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वाराणसी सहित देश के छह शहरों में खुलेगा रिसर्च सेंटर: डॉ. के सिवन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:58 PM IST
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के शिवन ने जानकारी दी।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने कहा कि वाराणसी सहित देश के छह शहरों में रिसर्च सेंटर खोला जाएगा। इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। वाराणसी में सेंटर स्थापित करने की मंजूरी मिल चुकी है। देश के छह शहरों में इक्विपमेंट सेंटर भी स्थापित किया जाना है।
डॉ. सिवन शुक्रवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे। इसी सिलसिले में वह बृहस्पतिवार को गोरखपुर आए। होटल क्लार्क्स ग्रैंड में पत्रकारों से बात की और कहा कि श्रीहरिकोटा से तीन जनवरी से 16 फरवरी 2019 के बीच मिशन चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण किया जाएगा।
चेयरमैन ने इसरो के रिसर्च और इक्विपमेंट की उपयोगिता भी बताई। कहा कि जहां उद्योग, विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट ज्यादा हैं, उन क्षेत्रों में इक्विपमेंट सेंटर की मदद से अच्छा काम किया जा सकता है। यह सेंटर अगरतला, जालंधर, इंदौर, नागपुर, कोच्चि और भुवनेश्वर खोला जाएगा।
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जहां एकेडमिक इंस्टीट्यूट अधिक हैं, वहां रिसर्च सेंटर खोले जाने हैं। इसकी मदद से गुणवत्ता परक शोध संभव होगा। गुवाहाटी, जयपुर, कन्याकुमारी, वाराणसी, कुरुक्षेत्र और पटना में रिसर्च सेंटर की भूमि तलाशी जा रही है। देश की 75 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। कृषि क्षेत्र में एडवांस तकनीक पर योजना भी बनाई गई है। अच्छी तकनीक से कृषि क्षेत्र को और बेहतर बनाया जा सकता है।
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डॉ. सिवन शुक्रवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लेंगे। इसी सिलसिले में वह बृहस्पतिवार को गोरखपुर आए। होटल क्लार्क्स ग्रैंड में पत्रकारों से बात की और कहा कि श्रीहरिकोटा से तीन जनवरी से 16 फरवरी 2019 के बीच मिशन चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण किया जाएगा।
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चेयरमैन ने इसरो के रिसर्च और इक्विपमेंट की उपयोगिता भी बताई। कहा कि जहां उद्योग, विश्वविद्यालय, इंस्टीट्यूट ज्यादा हैं, उन क्षेत्रों में इक्विपमेंट सेंटर की मदद से अच्छा काम किया जा सकता है। यह सेंटर अगरतला, जालंधर, इंदौर, नागपुर, कोच्चि और भुवनेश्वर खोला जाएगा।
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जहां एकेडमिक इंस्टीट्यूट अधिक हैं, वहां रिसर्च सेंटर खोले जाने हैं। इसकी मदद से गुणवत्ता परक शोध संभव होगा। गुवाहाटी, जयपुर, कन्याकुमारी, वाराणसी, कुरुक्षेत्र और पटना में रिसर्च सेंटर की भूमि तलाशी जा रही है। देश की 75 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। कृषि क्षेत्र में एडवांस तकनीक पर योजना भी बनाई गई है। अच्छी तकनीक से कृषि क्षेत्र को और बेहतर बनाया जा सकता है।