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दोस्ती रहेगी पर उपचुनाव में गठबंधन नहीं : उत्तम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 11 Feb 2018 08:12 PM IST
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प्रेसवार्ता करते नरेश उत्तम और रामगोविंद चौधरी।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र का उपचुनाव सपा अकेले लड़ेगी। बसपा या फिर कांग्रेस से गठबंधन की संभावना को सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम और विपक्ष के नेता राम गोविंद चौधरी ने सिरे से खारिज कर दिया। लोकसभा उपचुनाव की समीक्षा करने रविवार को गोरखपुर पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस से दोस्ती बरकरार रहेगी, लेकिन उपचुनाव में गठबंधन नहीं होगा। इससे पहले सपा ने नगर निकाय का चुनाव और कानपुर देहात की एक विधानसभा सीट का उपचुनाव भी अकेले लड़ा था।
सपा नेताओं ने बेतियाहाता स्थित पार्टी दफ्तर में उपचुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही कहा कि जिस भी किसी को समर्थन देना है वह दे। कार्यकर्ताओं के बल पर सपा उपचुनाव जीतने में सक्षम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान करेंगे। नेताद्वय ने भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल बताया और कहा कि सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। जिन विकास कार्यों को सपा शासन में शुरू किया गया था, उन्हीं का लोकार्पण किया जा रहा है। किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया। किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी सभी परेशान हैं। बूचड़खाने बंद करने और मीट कारोबार पर भी भाजपा सरकार सपा नेताओं के निशाने पर रही।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मीट का सबसे बड़ा कारोबारी भाजपा का नेता है। यदि इसपर लगाम लगाना ही है तोे मीट का निर्यात बंद किया जाना चाहिए। गरीबों की आजीविका माने जाने वाले छोटे-छोटे कसाई बाड़े नहीं। सरकार को बीफ पर भी अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
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कागज के गोले के रूप में किसानों की समस्याएं
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कागज के गोले फेंके जाने के मुद्दे पर सपा नेताओं ने कहा कि वे कागज के गोले नहीं बल्कि प्रदेश की पीड़ित जनता, आलू किसानों की समस्याएं थीं। इसे कागज के गोले के रूप में राज्यपाल तक पहुंचाया गया।
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सपा नेताओं ने बेतियाहाता स्थित पार्टी दफ्तर में उपचुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही कहा कि जिस भी किसी को समर्थन देना है वह दे। कार्यकर्ताओं के बल पर सपा उपचुनाव जीतने में सक्षम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जल्द ही प्रत्याशी के नाम का एलान करेंगे। नेताद्वय ने भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल बताया और कहा कि सरकार ने अब तक कुछ नहीं किया। जिन विकास कार्यों को सपा शासन में शुरू किया गया था, उन्हीं का लोकार्पण किया जा रहा है। किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया गया था, उसे भी पूरा नहीं किया गया। किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी सभी परेशान हैं। बूचड़खाने बंद करने और मीट कारोबार पर भी भाजपा सरकार सपा नेताओं के निशाने पर रही।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मीट का सबसे बड़ा कारोबारी भाजपा का नेता है। यदि इसपर लगाम लगाना ही है तोे मीट का निर्यात बंद किया जाना चाहिए। गरीबों की आजीविका माने जाने वाले छोटे-छोटे कसाई बाड़े नहीं। सरकार को बीफ पर भी अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
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कागज के गोले के रूप में किसानों की समस्याएं
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कागज के गोले फेंके जाने के मुद्दे पर सपा नेताओं ने कहा कि वे कागज के गोले नहीं बल्कि प्रदेश की पीड़ित जनता, आलू किसानों की समस्याएं थीं। इसे कागज के गोले के रूप में राज्यपाल तक पहुंचाया गया।