फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   फरार आरोपियों की तलाश में आठ टीमें लगी

फरार आरोपियों की तलाश में आठ टीमें लगी

Tue, 05 Sep 2017 01:32 AM IST
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:32 AM IST
विज्ञापन
फरार आरोपियों की तलाश में आठ टीमें लगी

विज्ञापन
गोरखपुर।
बीआरडी कांड के फरार छह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अब आठ टीमें लगा दी हैं। ताबड़तोड़ छापेमारी भी चल रही है लेकिन आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वे शातिर अपराधी की तरह पुलिस को गच्चा दे रहे हैं। मामला सीएम योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं का है, फिर भी पुलिस अंधेरे में हाथ-पांव चला रही है। कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों के सुराग नहीं मिल सके हैं।
बीआरडी कांड में निलंबित पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा समेत नौ नामजद आरोपी बनाए गए थे। इसमें से डॉ. राजीव, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा और डॉ. कफील खान की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब फरार छह आरोपियों की गिरफ्तारी को जाल बिछाया गया है। पुलिस की तीन और टीमें लगाई गई हैं। पांच टीमें पहले से गिरफ्तारी की कोशिश में लगी हैं। इसका मतलब है कि अब आठ टीमें गिरफ्तारी को लगा दी गई हैं। इन टीमों को गोरखपुर के साथ ही अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीएम दो दिनों (तीन और चार सितंबर) तक शहर में थे। इसी दौरान सबकी गिरफ्तारी होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी के बीच लंबा समय निकल गया है। यह स्थिति बेहद शर्मनाक है। एसटीएफ, क्राइम ब्रांच की टीमें भी फरार छह आरोपियों की लोकेशन नहीं ट्रैस कर पा रही हैं। मामले की छानबीन जहां की तहां फंसी है। पुलिस का हाथ पूरी तरह से खाली है। इस मामले में तीन गिरफ्तारियां हुई हैं। सभी एसटीएफ ने की हैं। इससे पुलिस का खुफिया और सूचना तंत्र भी सवालों के घेरे में है। इतना बड़ा तंत्र होने के बाद भी सामान्य आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रकरण की जांच और एफआईआर दर्ज होने में काफी समय लग गया। इसका फायदा आरोपियों ने उठाया और भाग निकले। इससे पुलिस प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन




पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी


ये आरोपी दे रहे पुलिस को चकमा
पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, डॉ. सतीश, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, कर्मचारी सुधीर, संजय और उदय पुलिस को चकमा दे रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही ये फरार हैं। इनके मोबाइल फोन बंद हैं। पुलिस ने इनके सगे-संबंधियों से भी पूछताछ की लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन



प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी दफ्तर से मानीटरिंग
आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना की मानीटरिंग प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी दफ्तर से की जा रही है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव भी है। इसी वजह से टीमें बढ़ाकर दूसरे जिलों में भेजी जा रही हैं। जिला पुलिस को रोज की अपडेट शासन को देनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed