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रामगढ़ ताल के ‘स्वच्छ’ पानी पर संकट
Updated Sat, 05 Aug 2017 01:32 AM IST
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गोरखपुर। रामगढ़ताल में शहर के नालों से गिरने वाले गंदे पानी को साफ करने पर संकट मंडराने लगा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन करने वाली कंपनी ने कार्यकाल खत्म होने के बाद एग्रीमेंट आगे बढ़ाने से इन्कार करते हुए इसके संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं। जल निगम के अधिकारियों ने नगर निगम से जिम्मा उठाने को कहा, तो नगर निगम ने भी इन्कार कर दिया। अब नई कंपनी के तय होने तक शासन से जल निगम द्वारा ही इसे संचालित कराने संबंधी पत्र लिखा जा रहा है।
दरअसल रामगढ़ताल परियोजना के अंतर्गत ताल के संरक्षण के लिए दो एसटीपी बनाए गए थे। कार्यदायी संस्था जलनिगम ने इसके संचालन की जिम्मेदारी एक कंपनी को तीन साल के करार पर दी थी, जिसे 2015 में दो साल के लिए बढ़ाया गया, जो अब पूरा हो चुका है। जब जल निगम ने इस एग्रीमेंट को फिर बढ़ाने की कोशिश की तो कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर जल निगम ने नगर निगम से इसके संचालन की जिम्मेदारी लेने की मांग की। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि नगर निगम के पास एसटीपी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी एवं कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में नगर निगम शासन से इसके संचालन के लिए जल निगम के पास ही रखने की मांग करेगा।
दरअसल रामगढ़ताल परियोजना के अंतर्गत ताल के संरक्षण के लिए दो एसटीपी बनाए गए थे। कार्यदायी संस्था जलनिगम ने इसके संचालन की जिम्मेदारी एक कंपनी को तीन साल के करार पर दी थी, जिसे 2015 में दो साल के लिए बढ़ाया गया, जो अब पूरा हो चुका है। जब जल निगम ने इस एग्रीमेंट को फिर बढ़ाने की कोशिश की तो कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए। इस पर जल निगम ने नगर निगम से इसके संचालन की जिम्मेदारी लेने की मांग की। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि नगर निगम के पास एसटीपी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी एवं कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में नगर निगम शासन से इसके संचालन के लिए जल निगम के पास ही रखने की मांग करेगा।
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