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‘मृत्यु और संसार का भय दूर करती है भागवत कथा’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 06 Mar 2018 07:47 PM IST
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भागवत कथा सुनाते लक्ष्मीनारायण शास्त्री।
- फोटो : Amar Ujala
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भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार का तिरोधान समारोह मंगलवार को गीतावाटिका में श्रीमद्भागवत कथा से शुरू हुआ। वृंदावन से पधारे कथा व्यास लक्ष्मीनारायण शास्त्री ने सात दिवसीय कथा का शुभारंभ किया। कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण यदि पुण्य क्षेत्र में सुना जाए तो उसका और भी विशेष महत्व है। संतद्वय की तपस्या स्थली गीतावाटिका पुण्य क्षेत्र ही है, इसलिए यहां भागवत कथा श्रवण का विशेष महत्व है। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा वेदों का सार है। भागवत की कथा मृत्यु के भय एवं संसार के भय को दूर कर देती है।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व हनुमानप्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के संयुक्त सचिव रसेन्दु फोगला ने भाईजी, मांजी एवं राधाबाबा के चित्र का पूजन-अर्चन किया। इससे पूर्व हनुमानप्रसाद पोद्दारजी द्वारा रचित पदों के संग्रह ग्रंथ ‘पदरत्नाकर’ के अनेक पदों का सुमधुर गायन किया गया। उमेश कुमार सिंहानिया, रसेन्दु फोगला, हरिकृष्ण दुजारी, प्रमोद कुमार वाजपेयी आदि मौजूद रहे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 7 बजे तक कथा चलेगी और पदरत्नाकर गायन भी 12 मार्च तक प्रात: 10 बजे से 12 बजे तक चलता रहेगा।
शुक्रवार को निकलेगा नगर संकीर्तन
तिरोधान समारोह के तहत गीतावाटिका से शुक्रवार को प्रात: 7 बजे से नगर संकीर्तन यात्रा निकलेगी। असुरन चौराहा, विष्णु मंदिर होते हुए यात्रा वापस गीतावाटिका पहुंचेगी। भाईजी हनुमान प्रसाद की पुण्यतिथि 12 मार्च को मनाई जाएगी।
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कथा प्रारंभ होने से पूर्व हनुमानप्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के संयुक्त सचिव रसेन्दु फोगला ने भाईजी, मांजी एवं राधाबाबा के चित्र का पूजन-अर्चन किया। इससे पूर्व हनुमानप्रसाद पोद्दारजी द्वारा रचित पदों के संग्रह ग्रंथ ‘पदरत्नाकर’ के अनेक पदों का सुमधुर गायन किया गया। उमेश कुमार सिंहानिया, रसेन्दु फोगला, हरिकृष्ण दुजारी, प्रमोद कुमार वाजपेयी आदि मौजूद रहे। प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से सायं 7 बजे तक कथा चलेगी और पदरत्नाकर गायन भी 12 मार्च तक प्रात: 10 बजे से 12 बजे तक चलता रहेगा।
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शुक्रवार को निकलेगा नगर संकीर्तन
तिरोधान समारोह के तहत गीतावाटिका से शुक्रवार को प्रात: 7 बजे से नगर संकीर्तन यात्रा निकलेगी। असुरन चौराहा, विष्णु मंदिर होते हुए यात्रा वापस गीतावाटिका पहुंचेगी। भाईजी हनुमान प्रसाद की पुण्यतिथि 12 मार्च को मनाई जाएगी।
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