फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   बीबी-बच्चों को भेजा गांव, खुद घर संभाला

बीबी-बच्चों को भेजा गांव, खुद घर संभाला

Mon, 21 Aug 2017 02:19 AM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
बीबी-बच्चों को भेजा गांव, खुद घर संभाला

विज्ञापन
विवेक सिंह
गोरखपुर।
नौसड़ से सटे इलाकों में राप्ती के बढ़ते जलस्तर और बोक्टा-बरवार बांध से नजदीकी ने दहशत का माहौल बना दिया है। इससे यहां रहने वाले लोगों ने नए ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों में हालात इतने बदल गए हैं कि लखनऊ-गोरखपुर हाइवे के पास मौजूद दुकानों पर ताले लटके देखे जा सकते हैं।
नौसड़ के सतीश गोस्वामी ने बताया कि पानी की आवाज से मन में खौफ घर कर गया है। डर के मारे तीन दिन पहले बीवी, बच्चों समेत घरवालों को खजनी स्थित मौसी के घर भेज दिया है। सामान और घर की निगरानी के लिए रुका हूं। कौड़ीराम के मूल निवासी परशुराम ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए एक महीना पहले ही नौसड़ में किराए का मकान लिया था। मजूदरी से घर का खर्च चलता है। चार दिन पहले काम पर गया तो किसी ने बांध टूटने की अफवाह फैला दी, तो काम छोड़कर घर लौट आया, तब से दोबारा यहां परिवार को छोड़कर जाने की हिम्मत नहीं हुई। सैलाब के खौफ से गांव वापस जा रहा हूं। हाइवे पर मौजूद अग्रवाल पेट्रोल पंप के मैनेजर रामनगीना पांडे ने बताया कि अंडर फ्यूल टैंक की सुरक्षा को लेकर पॉलीथिन मंगा कर रख ली है। फ्यूल टैंक को इससेे बांध कर उसे क्षति पहुंचने से रोका जाएगा। 19 साल पहले की बाढ़ में ये तरीका काम आया था। कर्मचारी काफी डरे हुए हैं, कई तो छुट्टी लेकर घर रवाना हो गए हैं। वहीं महेंद्रा एजेंसी के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एक दिन पहले ही एजेंसी की गाड़ियों को वर्कशाप और एजेंसी के टॉप फ्लोर पर पहुंचा दिया गया है।
विज्ञापन


बेबसी को भी मोबाइल फोन में कैद करने की होड़
बाढ़ में एक तरफ लोगों का आशियाना डूब रहा है। कितने लोगों की गृहस्थी सड़क पर आ गई है, तो कइयों के सामने रोजी-रोटी का संकट है, मगर शहर के कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें लोगों की बेबसी और लाचारी को भी मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने में मजा आ रहा है। राजघाट पुल, महेसरा पुल, मुक्तिधाम समेत अन्य जगहों पर ऐसे लोगों के लिए बाढ़ का दृश्य पिकनिक स्पॉट बन गया है। इन लोगों के लिए प्रकृति का ये सितम भी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर लाइक हासिल करने का जरिया बन गया है। इससे इन जगहों पर जाम की स्थिति बन जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed