फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   शहीद को सम्मान के साथ ,परिवार के एक सदस्य को नौकरी

शहीद को सम्मान के साथ ,परिवार के एक सदस्य को नौकरी

Sat, 08 Jul 2017 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 08 Jul 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
शहीद को सम्मान के साथ ,परिवार के एक सदस्य को नौकरी
शहीद साहब शुक्ला के परिवारवालों से सीएम ने मुलाकात की। - फोटो : Amar Ujala
जम्मू कश्मीर में शहीद सीआरपीएफ के जवान साहब शुक्ला को श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार अब हर शहीद को सम्मान देने के अलावा उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी। इसके लिए नियमावली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद पर हमलावर अंदाज में कहा कि इसके खिलाफ लड़ाई में सभी को संगठित होने की जरूरत है। यह काम सिर्फ सेना या सिपाहियों का ही नहीं है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को शहीद के गांव मझगावां पहुंचे। शहीद की पत्नी और बच्चों से मुलाकात के बाद छह लाख रुपये का चेक दिया और एक बेटे को नौकरी देने का एलान किया। साथ ही कहा कि अब से हर शहीद के परिवार के एक सदस्य को यूपी सरकार नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि आर्थिक सहायता बहुत से शहीदों के परिजनों को मिलती है लेकिन बाद में आर्थिक संकट गहरा जाता है। परिवार की नियमित आय नहीं हो पाती है। इसको ध्यान में रखकर ही अब ऐसी व्यवस्था बनाने जा रहे हैं कि हमारे आर्म फोर्स का कोई भी जवान चाहे वह सेना का हो या पैरामीलिट्री का, देश के लिए शहीद हुआ यदि प्रदेश का नागरिक है तो उसके परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि जिस गांव का जवान शहीद होता है उस गांव का विकास होना चाहिए। यह दायित्व ग्रामपंचायत का है कि उस गांव को शहीद गांव के रूप में विकसित करे। यदि ग्रामसभा से लेकर विधानसभा तक यह भावना पैदा हो जाए तो इस देश में नई क्रांति देखने को मिलेगी। पीएम मोदी भी इसी भावना के साथ कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन


शहीद के घर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कनइल प्राथमिक विद्यालय में स्कूल चलो अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कहा कि प्रायोजित आतंकवाद का दंश हमारा देश पिछले 35 सालाें से झेल रहा है। इसका शिकार हमारे जवान और नागरिक दोनों हो रहे हैं। यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं है, संपूर्ण देशवासियों की है। इससेे मिलकर लड़ने की जरूरत है। आतंकवाद का शिकार कोई भी व्यक्ति हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed