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जिला अस्पताल में फर्श पर बेली जा रही थी रोटियां
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
जिला अस्पताल की रसोई के निरीक्षण में शनिवार को एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर को खामियां मिलीं। जब वे निरीक्षण के लिए पहुंचे तो फर्श पर रोटियां बेली जा रही थीं, यह देखकर एसआईसी का पारा चढ़ गया। मौजूद कर्मचारियों को तगड़ी लताड़ लगाते हुए उन्होंने रोज खाने की गुणवत्ता चेक करने के लिए एक चिकित्सक की ड्यूटी तय कर दी।
जिला अस्पताल के एसआईसी को मरीजों के खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को संज्ञान लेते हुए वे शनिवार को निरीक्षण करने पहुंचे। जब उन्होंने किचन का नजारा देखा तो दंग रह गए। वहां फर्श पर ही रोटियां बेली जा रही थीं। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारों को फटकार लगाई। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने सब्जी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कहा कि सब्जी की क्वालिटी ठीक नहीं है। मरीजों के खाने की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए उन्होंने तुरंत रोस्टर वाइज डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। कहा कि अब हर दिन जिस डॉक्टर की ड्यूटी होगी वह पहले खाना टेस्ट करेगा। अगर डॉक्टर के टेस्ट में खाना ठीक मिलेगा तभी इसे मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
गोरखपुर।
जिला अस्पताल की रसोई के निरीक्षण में शनिवार को एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर को खामियां मिलीं। जब वे निरीक्षण के लिए पहुंचे तो फर्श पर रोटियां बेली जा रही थीं, यह देखकर एसआईसी का पारा चढ़ गया। मौजूद कर्मचारियों को तगड़ी लताड़ लगाते हुए उन्होंने रोज खाने की गुणवत्ता चेक करने के लिए एक चिकित्सक की ड्यूटी तय कर दी।
जिला अस्पताल के एसआईसी को मरीजों के खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को संज्ञान लेते हुए वे शनिवार को निरीक्षण करने पहुंचे। जब उन्होंने किचन का नजारा देखा तो दंग रह गए। वहां फर्श पर ही रोटियां बेली जा रही थीं। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारों को फटकार लगाई। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने सब्जी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। कहा कि सब्जी की क्वालिटी ठीक नहीं है। मरीजों के खाने की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए उन्होंने तुरंत रोस्टर वाइज डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। कहा कि अब हर दिन जिस डॉक्टर की ड्यूटी होगी वह पहले खाना टेस्ट करेगा। अगर डॉक्टर के टेस्ट में खाना ठीक मिलेगा तभी इसे मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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