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देवरिया के तीन कॉलेजों में नकल की पुष्टि, विद्यार्थियों के कटेंगे नंबर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 03 Apr 2018 09:14 PM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध देवरिया के तीन कॉलेजों में सामूहिक नकल का आरोप सही पाया गया है। जांच कमेटी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ की बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट मिलने पर मंगलवार देर शाम कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीनों कॉलेजों की 17, 19 और 20 मार्च को आयोजित परीक्षा को सामूहिक नकल की श्रेणी डाल दिया गया और सभी विद्यार्थियों के 30 फीसदी नंबर काटने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही तीनों कॉलेजों समेत पूरे भटनी ब्लॉक में मौजूद 12 कॉलेजों में परीक्षा की निगरानी के लिए विशेष उड़ाका दल गठित किया गया है। प्रो. गोपीनाथ को इसका संयोजक और प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. आलोक गोयल और डॉ. उदय सिंह को सदस्य बनाया गया है। ये टीम भटनी के सभी 12 कॉलेजों की परीक्षा अपनी निगरानी में कराएगी।
पिछले महीने कुलपति से देवरिया के तीन कॉलेजों में सामूहिक नकल की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रबंधन पर सीसीटीवी कैमरों से भी छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इस पर कुलपति प्रो. वीके सिंह ने तीन सदस्यीय (प्रो. संजीत गुप्ता, प्रो. चंद्रशेखर और डॉ. विनय सिंह) कमेटी से जांच कराई, तो शिकायत सही पाई गई।
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पहली दफा तत्काल कार्रवाई
वार्षिक परीक्षाओं में सामूहिक नकल की शिकायतें तो अक्सर मिलती रही हैं, मगर पहली दफा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल आरोपी कॉलेजों में कार्रवाई कर नजीर पेश की है।
पहले भी नकल की मिली है शिकायत
जिम्मेदारों की मानें तो जिन कॉलेजों के नाम सामने आए हैं। उनके खिलाफ वार्षिक परीक्षाओं के दौरान पहले भी नकल की शिकायत होती है, मगर इनकी रसूख के आगे यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़े लोग भी हाथ डालने से कतराते हैं।
इन कॉलेजों की हुई थी शिकायत
रामगुलाम राय महाविद्यालय, शिव सल्लहपुर, भटनी
बहादुर यादव महाविद्यालय, भटनी
सिद्धेश्वर शीतल देव महाविद्यालय भरेह चौराहा, भटनी
अभी तो कटे नंबर, अब निरस्त होगा केंद्र
नकल के दोषी सिद्धेश्वर शीतल देव कॉलेज के 30 फीसदी नंबर काटने के साथ ही कुलपति ने कॉलेज को एक सप्ताह के अंदर मिल रही शिकायतों को दूर करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही ये साफ कर दिया है कि अगर इसके बाद भी कॉलेज का रवैया नहीं बदला तो केंद्र निरस्त कर दिया जाएगा।
किसी भी कीमत पर नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी नकल के आरोपी कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उड़ाका दल को भी एहतियात बरतने के खास निर्देश दिए गए हैं।
- प्रो. वीके सिंह, कुलपति
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इसके साथ ही तीनों कॉलेजों समेत पूरे भटनी ब्लॉक में मौजूद 12 कॉलेजों में परीक्षा की निगरानी के लिए विशेष उड़ाका दल गठित किया गया है। प्रो. गोपीनाथ को इसका संयोजक और प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. आलोक गोयल और डॉ. उदय सिंह को सदस्य बनाया गया है। ये टीम भटनी के सभी 12 कॉलेजों की परीक्षा अपनी निगरानी में कराएगी।
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पिछले महीने कुलपति से देवरिया के तीन कॉलेजों में सामूहिक नकल की शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रबंधन पर सीसीटीवी कैमरों से भी छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इस पर कुलपति प्रो. वीके सिंह ने तीन सदस्यीय (प्रो. संजीत गुप्ता, प्रो. चंद्रशेखर और डॉ. विनय सिंह) कमेटी से जांच कराई, तो शिकायत सही पाई गई।
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पहली दफा तत्काल कार्रवाई
वार्षिक परीक्षाओं में सामूहिक नकल की शिकायतें तो अक्सर मिलती रही हैं, मगर पहली दफा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल आरोपी कॉलेजों में कार्रवाई कर नजीर पेश की है।
पहले भी नकल की मिली है शिकायत
जिम्मेदारों की मानें तो जिन कॉलेजों के नाम सामने आए हैं। उनके खिलाफ वार्षिक परीक्षाओं के दौरान पहले भी नकल की शिकायत होती है, मगर इनकी रसूख के आगे यूनिवर्सिटी प्रशासन से जुड़े लोग भी हाथ डालने से कतराते हैं।
इन कॉलेजों की हुई थी शिकायत
रामगुलाम राय महाविद्यालय, शिव सल्लहपुर, भटनी
बहादुर यादव महाविद्यालय, भटनी
सिद्धेश्वर शीतल देव महाविद्यालय भरेह चौराहा, भटनी
अभी तो कटे नंबर, अब निरस्त होगा केंद्र
नकल के दोषी सिद्धेश्वर शीतल देव कॉलेज के 30 फीसदी नंबर काटने के साथ ही कुलपति ने कॉलेज को एक सप्ताह के अंदर मिल रही शिकायतों को दूर करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही ये साफ कर दिया है कि अगर इसके बाद भी कॉलेज का रवैया नहीं बदला तो केंद्र निरस्त कर दिया जाएगा।
किसी भी कीमत पर नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी नकल के आरोपी कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उड़ाका दल को भी एहतियात बरतने के खास निर्देश दिए गए हैं।
- प्रो. वीके सिंह, कुलपति