{"_id":"5bfaf211bdec2241a322f832","slug":"171543172625-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘लड़कों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘लड़कों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं’
Mon, 26 Nov 2018 12:33 AM IST
kapil sharma
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: kapil sharma
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
बालिका वधू फेम विभा आनंद।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। महिलाओं को बेचारी बना दिया गया है, जबकि ऐसा नहीं है। मैंने कभी खुद को बेचारी नहीं महसूस किया। कोई मुझे बेचारी बताए, इसका मौका ही नहीं दिया। ये बातें ‘बालिका वधू’ फेम अभिनेत्री विभा आनंद ने रविवार को अमर उजाला की मुहिम ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ का पोस्टर लांच करते हुए कहीं। उन्होंने कहा बेटियां बेचारी नहीं हैं, इन्हें ऐसा न बनाएं। अमर उजाला की अपराजिता मुहिम प्रशंसनीय है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अमर उजाला सही नजरिए के साथ महिलाओं को सशक्त बनाने का काम कर रहा है।
अमर उजाला दफ्तर पहुंची विभा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। कभी घूंघट के नाम पर उन पर बंदिश लगाई जाती है तो कभी घर के मामलों में उन्हें चुप रहने की ताकीद दी जाती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। लड़कियां लड़कों के मुकाबले ज्यादा प्रतिभावान होती हैं। एक वक्त में वो कई सारे काम एक साथ कर सकती हैं। पर उनकी क्षमता को निखारने के लिए सही माहौल होना चाहिए। इसलिए सही पैरेंटिंग (परवरिश) का महत्व हमें समझाना होगा।
हम महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज चाहते हैं तो बदलाव की शुरुआत घर से ही करनी होगी। लड़कियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ लड़कों को भी महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा देनी होगी। महिला हिंसा की घटनाओं पर विभा ने कहा कि वही लोग ऐसा करते हैं जिन्होंने अपने घरों में महिलाओं की कद्र होते नहीं देखी। शहरी क्षेत्र के मुकाबले में उन्होंने गांवों में महिला सशक्तीकरण की स्थिति खराब मानी। कहा, दोनों जगहों पर महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला दफ्तर पहुंची विभा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। कभी घूंघट के नाम पर उन पर बंदिश लगाई जाती है तो कभी घर के मामलों में उन्हें चुप रहने की ताकीद दी जाती है। ऐसा नहीं होना चाहिए। लड़कियां लड़कों के मुकाबले ज्यादा प्रतिभावान होती हैं। एक वक्त में वो कई सारे काम एक साथ कर सकती हैं। पर उनकी क्षमता को निखारने के लिए सही माहौल होना चाहिए। इसलिए सही पैरेंटिंग (परवरिश) का महत्व हमें समझाना होगा।
विज्ञापन
हम महिलाओं के लिए सुरक्षित समाज चाहते हैं तो बदलाव की शुरुआत घर से ही करनी होगी। लड़कियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ लड़कों को भी महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा देनी होगी। महिला हिंसा की घटनाओं पर विभा ने कहा कि वही लोग ऐसा करते हैं जिन्होंने अपने घरों में महिलाओं की कद्र होते नहीं देखी। शहरी क्षेत्र के मुकाबले में उन्होंने गांवों में महिला सशक्तीकरण की स्थिति खराब मानी। कहा, दोनों जगहों पर महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा और जागरूकता जरूरी है।
विज्ञापन