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सीएम के जनता दरबार में उमड़े फरियादी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 11 Dec 2017 01:38 AM IST
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जनता दरबार में पहुंचे फरियादी।
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्यमंत्री के जनता दरबार में रविवार को फरियादी उमड़ पड़े। सुबह 6.15 से करीब नौ बजे तक सीएम यहां कार्यालय में बैठे रह गए। इस बीच पहुंचे लोग अपनी समस्याएं बताते रहे। अधिकतर लोग पुलिस से पीड़ित नजर आए। वहीं कई लोगों ने जमीन संबंधी शिकायतें कीं। कुछ ऐसे भी लोग थे, जो पहले भी कई बार आ चुके हैं। यह जानने के बाद सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे लगता है कि संबंधित विभाग लोगों को राहत नहीं पहुंचा रहा है। इसके पूर्व भोर में ही सीएम योगी आदित्यनाथ मंदिर में पूजन-अर्चन करके ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर पुष्प चढ़ाए।
पूजन के बाद सीएम अपने कार्यालय में पहुंचे। जनता दरबार में मंडल के बाहर के जिलों के भी बहुत से फरियादी पहुंचे थे। सीतापुर से लेकर श्रावस्ती तक के लोग एक रोज पहले से ही मंदिर में पहुंचे थे। सुबह होते-होते कतार में लगकर लोग अपनी-अपनी बारी का इंतजार करने लगे। महिलाओं की अलग लाइन लगी थी। पुलिसकर्मी बारी-बारी से फरियादियों को अंदर ले जा रहे थे। मुख्यमंत्री इस बात से हैरान थे कि लिखा-पढ़ी के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ही लोगों को दोबारा फरियाद करने आना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा थाने और तहसील से संबंधित मामलों में कार्रवाइयां नहीं हुई थीं। प्रार्थनापत्र एकत्रित कर रहे मंदिर के लोगों से कहा कि जिलेवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कहा है कि विभागवार जानकारी के साथ मामले में कार्रवाई संबंधी सूचना भी दर्ज होनी चाहिए।
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पूजन के बाद सीएम अपने कार्यालय में पहुंचे। जनता दरबार में मंडल के बाहर के जिलों के भी बहुत से फरियादी पहुंचे थे। सीतापुर से लेकर श्रावस्ती तक के लोग एक रोज पहले से ही मंदिर में पहुंचे थे। सुबह होते-होते कतार में लगकर लोग अपनी-अपनी बारी का इंतजार करने लगे। महिलाओं की अलग लाइन लगी थी। पुलिसकर्मी बारी-बारी से फरियादियों को अंदर ले जा रहे थे। मुख्यमंत्री इस बात से हैरान थे कि लिखा-पढ़ी के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से ही लोगों को दोबारा फरियाद करने आना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा थाने और तहसील से संबंधित मामलों में कार्रवाइयां नहीं हुई थीं। प्रार्थनापत्र एकत्रित कर रहे मंदिर के लोगों से कहा कि जिलेवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही कहा है कि विभागवार जानकारी के साथ मामले में कार्रवाई संबंधी सूचना भी दर्ज होनी चाहिए।
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