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इंसेफेलाइटिस से 48 घंटे में नौ की मौत
Updated Mon, 18 Sep 2017 08:27 PM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में 48 घंटे के दौरान 24 बच्चों की मौत हो गई। मरने वालों में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित नौ बच्चे भी शामिल हैं। वहीं इस दौरान इंसेफेलाइटिस के 35 नए मरीज भी भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद भी गंभीर हालत में भर्ती इन बच्चों को नहीं बचाया जा सका। 48 घंटों के दौरान नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में 11 नवजात और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में 13 बच्चों की मौत हुई। पीआईसीयू में मरने वाले बच्चों में नौ इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। इंसेफेलाइटिस से मरने वालों में सिद्धार्थनगर के कमल (2), सहजनवां की रागिनी (2), झंगहा के अमन (2), पडरौना के फैजान (1), खजनी के डेढ़ वर्षीय अर्जुन, बेलीपार के साढ़े पांच वर्षीय अंश, खड्डा की अमरावती (10), कैंपियरगंज की कमलावती (55) और बिहार के चंपारण निवासी गायत्री देवी (30) का नाम शामिल है। वहीं इस दौरान गोरखपुर के 10, देवरिया के 11, कुशीनगर के छह, बस्ती, संतकबीरनगर व बिहार के दो-दो और सिद्धार्थनगर एवं महराजगंज के एक-एक नए मरीज भर्ती किए गए। इसके साथ इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 235 हो गई है। इस साल अब तक कुल 1103 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 133 मरीजों का इलाज अभी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में 48 घंटे के दौरान 24 बच्चों की मौत हो गई। मरने वालों में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित नौ बच्चे भी शामिल हैं। वहीं इस दौरान इंसेफेलाइटिस के 35 नए मरीज भी भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद भी गंभीर हालत में भर्ती इन बच्चों को नहीं बचाया जा सका। 48 घंटों के दौरान नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में 11 नवजात और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में 13 बच्चों की मौत हुई। पीआईसीयू में मरने वाले बच्चों में नौ इंसेफेलाइटिस से पीड़ित थे। इंसेफेलाइटिस से मरने वालों में सिद्धार्थनगर के कमल (2), सहजनवां की रागिनी (2), झंगहा के अमन (2), पडरौना के फैजान (1), खजनी के डेढ़ वर्षीय अर्जुन, बेलीपार के साढ़े पांच वर्षीय अंश, खड्डा की अमरावती (10), कैंपियरगंज की कमलावती (55) और बिहार के चंपारण निवासी गायत्री देवी (30) का नाम शामिल है। वहीं इस दौरान गोरखपुर के 10, देवरिया के 11, कुशीनगर के छह, बस्ती, संतकबीरनगर व बिहार के दो-दो और सिद्धार्थनगर एवं महराजगंज के एक-एक नए मरीज भर्ती किए गए। इसके साथ इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 235 हो गई है। इस साल अब तक कुल 1103 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 133 मरीजों का इलाज अभी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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