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कोहली को वोटर बनाने में एसडीएम, तहसीलदार फंसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 09 Mar 2018 07:59 PM IST
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विराट कोहली के नाम की वोटर पर्ची।
- फोटो : Amar Ujala
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सदर संसदीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में क्रिकेटर विराट कोहली का नाम दर्ज होने के मामले में सहजनवां के एसडीएम और तहसीलदार की गर्दन फंस गई है। इस लापरवाही के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम राजीव रौतेला ने इन दोनों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा है। उन्होंने शुक्रवार को इस पूरे मामले की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी भेज दी । सहजनवां विधानसभा की वोटर लिस्ट में विराट कोहली का नाम होने का खुलासा तब हुआ जब उपचुनाव के मद्देनजर वहां की बीएलओ के पास उनके नाम व फोटो वाली वोटर पर्ची बांटने के लिए पहुंची।
कलेक्ट्रेट में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने इस कार्रवाई की पुष्टि की। कहा कि क्रिकेटर विराट कोहली का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने का मामला गंभीर है। इसके लिए बीएलओ नहीं जिम्मेदार है। निश्चित तौर पर मतदाता आवेदन पत्रों की कंप्यूटर में फीडिंग के दौरान किसी ने इस काम को अंजाम दिया है। फीडिंग का काम प्राइवेट डाटा आपरेटरों से कराया जाता है। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम) और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार) की यह जिम्मेदारी होती है कि कंप्यूटर में फीड किए गए सभी आवेदन पत्रों की गहनता से जांच के बाद ही उसे अपना अनुमोदन दे। मगर दोनों ने ऐसा नहीं किया।
नतीजतन न केवल वोटर लिस्ट में कोहली का नाम दर्ज हो गया बल्कि उनके नाम और फोटो वाली वोटर पर्ची भी जारी हो गई। यही नहीं लोक निर्माण विभाग के मर चुके दो इंजीनियरों की मतदान में ड्यूटी लगने के मामले की भी डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
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कलेक्ट्रेट में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने इस कार्रवाई की पुष्टि की। कहा कि क्रिकेटर विराट कोहली का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज होने का मामला गंभीर है। इसके लिए बीएलओ नहीं जिम्मेदार है। निश्चित तौर पर मतदाता आवेदन पत्रों की कंप्यूटर में फीडिंग के दौरान किसी ने इस काम को अंजाम दिया है। फीडिंग का काम प्राइवेट डाटा आपरेटरों से कराया जाता है। निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एसडीएम) और सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (तहसीलदार) की यह जिम्मेदारी होती है कि कंप्यूटर में फीड किए गए सभी आवेदन पत्रों की गहनता से जांच के बाद ही उसे अपना अनुमोदन दे। मगर दोनों ने ऐसा नहीं किया।
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नतीजतन न केवल वोटर लिस्ट में कोहली का नाम दर्ज हो गया बल्कि उनके नाम और फोटो वाली वोटर पर्ची भी जारी हो गई। यही नहीं लोक निर्माण विभाग के मर चुके दो इंजीनियरों की मतदान में ड्यूटी लगने के मामले की भी डीएम ने जांच के निर्देश दिए हैं।
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