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शहर को अंधेरे में डुबोने वाले जेई नपे
Updated Tue, 01 Aug 2017 09:42 PM IST
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गोरखपुर।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने शहर को अंधेरे में डुबोने वाले नगर निगम के अवर अभियंता मणिशंकर श्रीवास्तव सहित चार कर्मचारियों को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया। इन सभी को काम में लापरवाही बरतने, पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने और आदेश न मानने का आरोपी बनाया गया है। निलंबन के दौरान अफसर, कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
नगर आयुक्त ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच के बाद पथ प्रकाश विभाग के अवर अभियंता मणिशंकर श्रीवास्तव को सभी खराब पड़े स्ट्रीट लाइट प्वाइंट को ठीक कराने का निर्देश दिया था। करीब 10 दिन बाद नगर आयुक्त ने फिर से स्ट्रीट लाइट प्वाइंट की स्थिति जांची, तो व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आया। नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर होते हुए रुस्तमपुर, पैडलेगंज, मोहद्दीपुर हाइवे तक कई जगहों की स्ट्रीट लाइट बंद मिली। इसके अलावा कचहरी चौराहा, पैडलेगंज में हाईमास्ट भी बंद मिले। इसको लेकर उन्होंने जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा रुस्तमपुर ढाला से पैडलेगंज तक काम में लापरवाही बरतने पर लाइनमैन संतराम को, नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर तक और मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास तथा गंगोत्री देवी महाविद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट प्वाइंट खराब मिलने पर स्विचमैन मोती लाल को और नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर, रुस्तमपुर, पैडलेगंज तक लाइट व्यवस्था खराब मिलने पर पथ प्रकाश विभाग के सुपरवाइजर जेपी कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी को मुख्य कार्यालय से संबद्ध करते हुए मामले की जांच का जिम्मा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र को दिया गया है।
इन इलाकों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब
तारामंडल स्थित जीडीए कॉम्प्लेक्स से आजाद नगर पूर्वी तक
हाइवे से लुनिया टोला वाली गली
आजाद चौक से बगहा बाबा रोड तक जगह जगह
जनप्रिय विहार में दिग्विजयनगर पार्क के पास हाईमास्ट खराब, जनप्रिय विहार में शिव मंदिर के पास वाली गली में
आर्यनगर वार्ड में कुर्मियान टोला में मानस टाकिज के पीछे
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह ने शहर को अंधेरे में डुबोने वाले नगर निगम के अवर अभियंता मणिशंकर श्रीवास्तव सहित चार कर्मचारियों को मंगलवार को सस्पेंड कर दिया। इन सभी को काम में लापरवाही बरतने, पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने और आदेश न मानने का आरोपी बनाया गया है। निलंबन के दौरान अफसर, कर्मचारी नगर निगम मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
नगर आयुक्त ने शहर के विभिन्न इलाकों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच के बाद पथ प्रकाश विभाग के अवर अभियंता मणिशंकर श्रीवास्तव को सभी खराब पड़े स्ट्रीट लाइट प्वाइंट को ठीक कराने का निर्देश दिया था। करीब 10 दिन बाद नगर आयुक्त ने फिर से स्ट्रीट लाइट प्वाइंट की स्थिति जांची, तो व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आया। नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर होते हुए रुस्तमपुर, पैडलेगंज, मोहद्दीपुर हाइवे तक कई जगहों की स्ट्रीट लाइट बंद मिली। इसके अलावा कचहरी चौराहा, पैडलेगंज में हाईमास्ट भी बंद मिले। इसको लेकर उन्होंने जेई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा रुस्तमपुर ढाला से पैडलेगंज तक काम में लापरवाही बरतने पर लाइनमैन संतराम को, नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर तक और मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास तथा गंगोत्री देवी महाविद्यालय के पास स्ट्रीट लाइट प्वाइंट खराब मिलने पर स्विचमैन मोती लाल को और नौसड़ से ट्रांसपोर्टनगर, रुस्तमपुर, पैडलेगंज तक लाइट व्यवस्था खराब मिलने पर पथ प्रकाश विभाग के सुपरवाइजर जेपी कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि सभी को मुख्य कार्यालय से संबद्ध करते हुए मामले की जांच का जिम्मा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रबीश चंद्र को दिया गया है।
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इन इलाकों की स्ट्रीट लाइटें भी खराब
तारामंडल स्थित जीडीए कॉम्प्लेक्स से आजाद नगर पूर्वी तक
हाइवे से लुनिया टोला वाली गली
आजाद चौक से बगहा बाबा रोड तक जगह जगह
जनप्रिय विहार में दिग्विजयनगर पार्क के पास हाईमास्ट खराब, जनप्रिय विहार में शिव मंदिर के पास वाली गली में
आर्यनगर वार्ड में कुर्मियान टोला में मानस टाकिज के पीछे