{"_id":"5d127cde8ebc3e3ca40ce4d0","slug":"156149268410-gorakhpur-news67","type":"story","status":"publish","title_hn":"धंधेबाज चोरी का पेट्रोल-डीजल सस्ते में बेचकर काट रहे मलाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धंधेबाज चोरी का पेट्रोल-डीजल सस्ते में बेचकर काट रहे मलाई
Wed, 26 Jun 2019 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला/गोरखपुर
अमर उजाला/गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2019 01:40 AM IST
विज्ञापन
बैतालपुर डिपो जाने वाले टैंकर से बाल्टी में भरते तेल।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समय: दोपहर 1.30 बजे
स्थान: चौरीचौरा का सतहवां
तेल का एक टैंकर एक गेट के सामने रुका और खुलते ही अंदर चला गया। टैंकर के अंदर पहुंचते ही हाथों में बाल्टी लिए दो लोग आए और टूल बॉक्स खोलने में जुट गए। कुछ सेकेंड में ही बाल्टियां तेल से भरने लगीं। काम पूरा हुआ तो टूल बॉक्स बंद कर टैंकर गेट से बाहर निकला और देवरिया की तरफ चल पड़ा।
समय: दोपहर 2 बजे।
स्थान: चौरीचौरा का सतहवां
भारत पेट्रोलियम का तेल भरा टैंकर एक ट्रक से सटाकर सड़क के किनारे खड़ा किया गया। इसी बीच एक युवक हाथ में बाल्टी लेकर निकला और सीधे टैंकर के टूल बॉक्स के पास पहुंचा। फिर नजारा पहले जैसा रहा। टूल बाक्स खोलकर तेल से बाल्टी भरी गई। काम पूरा होने का इशारा मिलते ही टैंकर देवरिया के लिए चल पड़ा।
गोरखपुर। ये दो मामले बानगी भर हैं। चौरीचौरा के सतहवां में दो दुकानें ऐसी हैं, जहां गोरखपुर से देवरिया के बैतालपुर जाने वाले पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकर हर 30 मिनट में आकर रुकते हैं। हर टैंकर से तेल निकाला जाता है, फिर वे देवरिया की तरफ चल पड़ते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खेल की जानकारी पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी है, लेकिन कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
विज्ञापन
जैसा रिपोर्टर ने सोमवार को अपनी आंखों से देखा और वीडियो बनाया, उसके मुताबिक देवरिया में दाखिल होने से पहले ही टैंकर चौरीचौरा के सतहवां में रुक जाते हैं। हर टैंकर से करीब 10-15 लीटर तेल निकाला जाता है। इस खेल में टैंकर चालक, सतहवां के दो कारोबारी शामिल हैं। रोजाना करीब 50 टैंकर रुकते हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो करीब 500 लीटर डीजल या फिर पेट्रोल रोजाना टैंकर से निकालकर खुले बाजार में बेचा जाता है।
विज्ञापन
स्थान: चौरीचौरा का सतहवां
तेल का एक टैंकर एक गेट के सामने रुका और खुलते ही अंदर चला गया। टैंकर के अंदर पहुंचते ही हाथों में बाल्टी लिए दो लोग आए और टूल बॉक्स खोलने में जुट गए। कुछ सेकेंड में ही बाल्टियां तेल से भरने लगीं। काम पूरा हुआ तो टूल बॉक्स बंद कर टैंकर गेट से बाहर निकला और देवरिया की तरफ चल पड़ा।
समय: दोपहर 2 बजे।
स्थान: चौरीचौरा का सतहवां
भारत पेट्रोलियम का तेल भरा टैंकर एक ट्रक से सटाकर सड़क के किनारे खड़ा किया गया। इसी बीच एक युवक हाथ में बाल्टी लेकर निकला और सीधे टैंकर के टूल बॉक्स के पास पहुंचा। फिर नजारा पहले जैसा रहा। टूल बाक्स खोलकर तेल से बाल्टी भरी गई। काम पूरा होने का इशारा मिलते ही टैंकर देवरिया के लिए चल पड़ा।
विज्ञापन
गोरखपुर। ये दो मामले बानगी भर हैं। चौरीचौरा के सतहवां में दो दुकानें ऐसी हैं, जहां गोरखपुर से देवरिया के बैतालपुर जाने वाले पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकर हर 30 मिनट में आकर रुकते हैं। हर टैंकर से तेल निकाला जाता है, फिर वे देवरिया की तरफ चल पड़ते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खेल की जानकारी पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी है, लेकिन कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
विज्ञापन
जैसा रिपोर्टर ने सोमवार को अपनी आंखों से देखा और वीडियो बनाया, उसके मुताबिक देवरिया में दाखिल होने से पहले ही टैंकर चौरीचौरा के सतहवां में रुक जाते हैं। हर टैंकर से करीब 10-15 लीटर तेल निकाला जाता है। इस खेल में टैंकर चालक, सतहवां के दो कारोबारी शामिल हैं। रोजाना करीब 50 टैंकर रुकते हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो करीब 500 लीटर डीजल या फिर पेट्रोल रोजाना टैंकर से निकालकर खुले बाजार में बेचा जाता है।