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चार नए विभागाध्यक्षों ने संभाला कार्यभार
Tue, 25 Jun 2019 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला/गोरखपुर
अमर उजाला/गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2019 01:23 AM IST
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में चार नए विभागाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है। कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने बताया कि डॉ. बीके पांडेय को भौतिकी व पदार्थ विज्ञान विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। अब तक डॉ. पांडेय प्रयुक्त विज्ञान विभाग के अध्यक्ष थे। सह आचार्य डॉ. देवेंद्र कांदू को गणित और वैज्ञानिक संगणन विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले वह प्रयुक्त विज्ञान के विभागाध्यक्ष थे।
कुलपति ने बताया कि सह आचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव को रसायन व पर्यावरण का विभागाध्यक्ष बनाया गया है। मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एससी जायसवाल को मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान विभाग के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। सभी नवनियुक्त विभागाध्यक्षों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। चार नये विभागों के गठन के बाद पहले से चल रहे प्रयुक्त विज्ञान विभाग और प्रबंध अध्ययन केंद्र का अस्तित्व अब खत्म हो गया है। साथ ही विभिन्न परास्नातक व शोध पाठ्यक्रमों का इन विभागों में विलय कर दिया गया। एमएससी पाठ्यक्रम अब भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग की ओर से संचालित किया जाएगा।
गणित और वैज्ञानिक संगणन विभाग पहले से चले आ रहे पीएचडी पाठ्यक्रम के साथ साथ शैक्षिक सत्र 2019 -20 से एमएससी की पढ़ाई भी कराई जाएगी। रसायन एवं पर्यावरण विभाग में अभी पीएचडी कराई जाएगी। रसायन विज्ञान में शैक्षिक सत्र 2020-21 से एमएससी की पढ़ाई भी कराई जाएगी। पहले से चले आ रहे एमबीए पाठ्यक्रम के अतिरिक्त मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान विभाग में बीबीए की पढ़ाई और अंग्रेजी, अर्थशास्त्र में पीएचडी कराई जाएगी। मनोविज्ञान और प्रबंधन में भी पीएचडी कराई जा सकती है।
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कुलपति ने बताया कि सह आचार्य डॉ. राजेश कुमार यादव को रसायन व पर्यावरण का विभागाध्यक्ष बनाया गया है। मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. एससी जायसवाल को मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान विभाग के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। सभी नवनियुक्त विभागाध्यक्षों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। चार नये विभागों के गठन के बाद पहले से चल रहे प्रयुक्त विज्ञान विभाग और प्रबंध अध्ययन केंद्र का अस्तित्व अब खत्म हो गया है। साथ ही विभिन्न परास्नातक व शोध पाठ्यक्रमों का इन विभागों में विलय कर दिया गया। एमएससी पाठ्यक्रम अब भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान विभाग की ओर से संचालित किया जाएगा।
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गणित और वैज्ञानिक संगणन विभाग पहले से चले आ रहे पीएचडी पाठ्यक्रम के साथ साथ शैक्षिक सत्र 2019 -20 से एमएससी की पढ़ाई भी कराई जाएगी। रसायन एवं पर्यावरण विभाग में अभी पीएचडी कराई जाएगी। रसायन विज्ञान में शैक्षिक सत्र 2020-21 से एमएससी की पढ़ाई भी कराई जाएगी। पहले से चले आ रहे एमबीए पाठ्यक्रम के अतिरिक्त मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान विभाग में बीबीए की पढ़ाई और अंग्रेजी, अर्थशास्त्र में पीएचडी कराई जाएगी। मनोविज्ञान और प्रबंधन में भी पीएचडी कराई जा सकती है।
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