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पूर्व मंत्री श्यामलाल यादव नहीं रहे
Fri, 21 Jun 2019 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 01:50 AM IST
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निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी। उनकी इच्छानुसार गुरुवार को पैतृक गांव भटनीपार खुर्द में निजी जमीन पर ही अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि ज्येष्ठ पुत्र विवेकानंद यादव ने दी।
वर्ष 1989 में उन्होंने चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके बाद उन्होंने 1991, 93, 95, 96, 2002 में चिल्लूपार क्षेत्र से चुनाव लड़ा मगर हर बार उन्हें शिकस्त मिली। बसपा के सच्चे सिपाही होने का लाभ भी उन्हें मिला और 1995 में बसपा-भाजपा गठबंधन सरकार में उन्हें श्रम एवं सेवा योजना राज्यमंत्री के पद से नवाजा गया। 1991 में उन्होंने बस्ती जनपद के हर्रैया विधानसभा के उपचुनाव में भी भाग्य आजमाया था मगर यहां भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। 1993 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी से उनका कड़ा मुकाबला हुआ था और मामूली अंतर से उन्हें हार मिली थी। 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उनका टिकट काट दिया, जिसके बाद वे धुरियापार विधानसभा क्षेत्र से निर्दल उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लडे़। यहां भी वही स्थिति रही। 2012 में वे कांग्रेस के टिकट पर चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी घोषित हुए थे।
छात्र राजनीति से की पारी की शुरुआत
बड़हलगंज/गोला। श्यामलाल यादव ने छात्र राजनीति से अपनी पारी की शुरुआत की और नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज बड़हलगंज से महामंत्री का चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 1983 से 1995 तक वे गोला ब्लॉक के ददरा गांव के प्रधान रहे। 1988 में वे भाजपा से जुड़े और गोला ब्लॉक से प्रमुख का चुनाव लड़े और हार गए। इसके बाद बड़हलगंज आए बसपा के संस्थापक कांशीराम से प्रभावित होकर उन्होंने बसपा की सदस्यता ली। क्षेत्र में भी अपनी विरादरी में उन्होंने अच्छी पैठ बना ली थी। वे मायावती व कांशीराम के करीबियों में माने जाते थे।
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पूर्व मंत्री के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर
मदरिया। पूर्व मंत्री के निधन पर पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी, सपा जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव, एसडीएम गोला अरुण कुमार सिंह, रामदरश विद्यार्थी, ब्लॉक प्रमुख गोला रत्नेश यादव, शिवचन्द यादव, रणधीर यादव, डॉ. संजय कुमार, विजय प्रकाश शुक्ल, बसपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीलिप कुमार आदि ने शोक जताया। उधर, बसपा के मंडल कार्यालय पर शोकसभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यहां जिलाध्यक्ष घनश्याम राही सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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वर्ष 1989 में उन्होंने चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। इसके बाद उन्होंने 1991, 93, 95, 96, 2002 में चिल्लूपार क्षेत्र से चुनाव लड़ा मगर हर बार उन्हें शिकस्त मिली। बसपा के सच्चे सिपाही होने का लाभ भी उन्हें मिला और 1995 में बसपा-भाजपा गठबंधन सरकार में उन्हें श्रम एवं सेवा योजना राज्यमंत्री के पद से नवाजा गया। 1991 में उन्होंने बस्ती जनपद के हर्रैया विधानसभा के उपचुनाव में भी भाग्य आजमाया था मगर यहां भी उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। 1993 में हुए विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी से उनका कड़ा मुकाबला हुआ था और मामूली अंतर से उन्हें हार मिली थी। 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने उनका टिकट काट दिया, जिसके बाद वे धुरियापार विधानसभा क्षेत्र से निर्दल उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लडे़। यहां भी वही स्थिति रही। 2012 में वे कांग्रेस के टिकट पर चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी घोषित हुए थे।
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छात्र राजनीति से की पारी की शुरुआत
बड़हलगंज/गोला। श्यामलाल यादव ने छात्र राजनीति से अपनी पारी की शुरुआत की और नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज बड़हलगंज से महामंत्री का चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 1983 से 1995 तक वे गोला ब्लॉक के ददरा गांव के प्रधान रहे। 1988 में वे भाजपा से जुड़े और गोला ब्लॉक से प्रमुख का चुनाव लड़े और हार गए। इसके बाद बड़हलगंज आए बसपा के संस्थापक कांशीराम से प्रभावित होकर उन्होंने बसपा की सदस्यता ली। क्षेत्र में भी अपनी विरादरी में उन्होंने अच्छी पैठ बना ली थी। वे मायावती व कांशीराम के करीबियों में माने जाते थे।
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पूर्व मंत्री के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर
मदरिया। पूर्व मंत्री के निधन पर पूर्व मंत्री राजेश त्रिपाठी, सपा जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व प्रमुख विजय कुमार यादव, एसडीएम गोला अरुण कुमार सिंह, रामदरश विद्यार्थी, ब्लॉक प्रमुख गोला रत्नेश यादव, शिवचन्द यादव, रणधीर यादव, डॉ. संजय कुमार, विजय प्रकाश शुक्ल, बसपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीलिप कुमार आदि ने शोक जताया। उधर, बसपा के मंडल कार्यालय पर शोकसभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यहां जिलाध्यक्ष घनश्याम राही सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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