{"_id":"5d0297a7bdec226de533e2ed","slug":"156045097220-gorakhpur-news175","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से बचाव के लिए चार जोन में बंटा जिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से बचाव के लिए चार जोन में बंटा जिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाढ़ से बचाव के लिए चार जोन में बंटा जिला
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। बाढ़ से राहत व बचाव के लिए जिले को चार जोन में बांटा गया है। इसके अलावा बाढ़ चौकी, पशु शरणालय स्थल, राशन वितरण स्थल, राहत शिविर, नाव एवं नाविकों की व्यवस्था तो की ही है, साथ ही आपदा मित्रों को भी चिह्नित कर उनकी तैनाती के लिए सूची तैयार कर ली गई है। इस वर्ष बाढ़ पूर्व बचाव के सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। आपात स्थिति में हेलीपैड बनाने के लिए स्थान का भी चयन कर लिया गया है।
बाढ़ की आशंका के मद्देनजर जिले में बचाव व राहत की तैयारी तेज कर दी गई है। बाढ़ से बचाव के लिए 1,015 आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे। तहसीलवार सभी आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर कार्य करेंगे। सदर क्षेत्र के 18 गांवों में 183 आपदा मित्र, फरेंदा क्षेत्र के 38 गांवों में 763, निचलौल क्षेत्र के 17 गांवों में 42 और नौतनवां क्षेत्र के 29 गांवों में 29 आपदा मित्र तैनात रहेंगे। बाढ़ से बचाव एवं तटबंधों के निरीक्षण के लिए जिले को चार जोन और 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। उप जिलाधिकारी सदर जोनल समन्वयक होंगे। चार सेक्टर समन्वयक, आठ सहायक सेक्टर समन्वयक भी लगाए जाएंगे। फरेंदा के उप जिलाधिकारी जोनल समन्वयक बनाए गए हैं। उनके साथ छह सेक्टर समन्वयक एवं 11 सहायक सेक्टर समन्वयक तैनात रहेंगे। निचलौल तहसील के जोनल समन्वयक एसडीएम निचलौल होंगे। उनके साथ छह सेक्टर समन्वयक एवं 12 सहायक सेक्टर समन्वयक कार्य करेंगे। इनके अलावा नौतनवां तहसील के लिए एसडीएम नौतनवां जोनल समन्वयक बनाए गए हैं। उनके साथ तीन सेक्टर समन्वयक एवं पांच सहायक सेक्टर समन्वयक रहेंगे। गोताखोर एवं तैराकों की व्यवस्था भी कर ली गई है। बाढ़ के समय बचाव के लिए 215 गोताखोर एवं तैराक मौजूद रहेंगे। तीस गांवों में इनकी तैनाती रहेगी। तहसीलवार बाढ़ चौकियां बना ली गई हैं। जिले में 29 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन बढ़ चौकियों से 262 गांवों के लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी। राशन वितरण के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं। बाढ़ के समय पशुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 16 पशु शरणालय बनाए गए हैं। यहां 178 गांवों के पशु रखे जाएंगे। तहसीलवार राहत शिविर भी बना लिए गए हैं। 20 राहत शिविरों के माध्यम से राहत कार्य किए जाएंगे। बाढ़ से बचाव के लिए 123 नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही 185 नाविकों की भी व्यवस्था की गई है। इन नावों पर जरूरी संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
अपर जिलाधिकारी कुंज विहारी अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी तेज कर दी गई है। बाढ़ से राहत व बचाव के लिए जिले को चार जोन में बांटा गया है। इसके अलावा बाढ़ चौकी, पशु शरणालय स्थल, राशन वितरण स्थल, राहत शिविर, नाव एवं नाविकों की व्यवस्था तो की ही है, साथ ही आपदा मित्रों को भी चिह्नित कर उनकी तैनाती के लिए सूची तैयार कर ली गई है। इस वर्ष बाढ़ पूर्व बचाव के सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। आपात स्थिति में हेलीपैड बनाने के लिए स्थान का भी चयन कर लिया गया है।
बाढ़ की आशंका के मद्देनजर जिले में बचाव व राहत की तैयारी तेज कर दी गई है। बाढ़ से बचाव के लिए 1,015 आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे। तहसीलवार सभी आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर कार्य करेंगे। सदर क्षेत्र के 18 गांवों में 183 आपदा मित्र, फरेंदा क्षेत्र के 38 गांवों में 763, निचलौल क्षेत्र के 17 गांवों में 42 और नौतनवां क्षेत्र के 29 गांवों में 29 आपदा मित्र तैनात रहेंगे। बाढ़ से बचाव एवं तटबंधों के निरीक्षण के लिए जिले को चार जोन और 19 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। उप जिलाधिकारी सदर जोनल समन्वयक होंगे। चार सेक्टर समन्वयक, आठ सहायक सेक्टर समन्वयक भी लगाए जाएंगे। फरेंदा के उप जिलाधिकारी जोनल समन्वयक बनाए गए हैं। उनके साथ छह सेक्टर समन्वयक एवं 11 सहायक सेक्टर समन्वयक तैनात रहेंगे। निचलौल तहसील के जोनल समन्वयक एसडीएम निचलौल होंगे। उनके साथ छह सेक्टर समन्वयक एवं 12 सहायक सेक्टर समन्वयक कार्य करेंगे। इनके अलावा नौतनवां तहसील के लिए एसडीएम नौतनवां जोनल समन्वयक बनाए गए हैं। उनके साथ तीन सेक्टर समन्वयक एवं पांच सहायक सेक्टर समन्वयक रहेंगे। गोताखोर एवं तैराकों की व्यवस्था भी कर ली गई है। बाढ़ के समय बचाव के लिए 215 गोताखोर एवं तैराक मौजूद रहेंगे। तीस गांवों में इनकी तैनाती रहेगी। तहसीलवार बाढ़ चौकियां बना ली गई हैं। जिले में 29 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन बढ़ चौकियों से 262 गांवों के लोगों को राहत पहुंचाई जाएगी। राशन वितरण के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं। बाढ़ के समय पशुओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 16 पशु शरणालय बनाए गए हैं। यहां 178 गांवों के पशु रखे जाएंगे। तहसीलवार राहत शिविर भी बना लिए गए हैं। 20 राहत शिविरों के माध्यम से राहत कार्य किए जाएंगे। बाढ़ से बचाव के लिए 123 नावों की व्यवस्था की गई है। साथ ही 185 नाविकों की भी व्यवस्था की गई है। इन नावों पर जरूरी संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
विज्ञापन
अपर जिलाधिकारी कुंज विहारी अग्रवाल ने बताया कि बाढ़ से बचाव की तैयारी तेज कर दी गई है। प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन