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राप्ती को शहर के गंदे पानी से मुक्त करेंगे दो एसटीपी

Mon, 03 Jun 2019 10:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 03 Jun 2019 10:46 PM IST
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राप्ती को शहर के गंदे पानी से मुक्त करेंगे दो एसटीपी
गोरखपुर। शहर के गंदे पानी के निस्तारण में लापरवाही पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती का असर दिखने लगा है। रामगढ़ताल के बाद अब राप्ती में गिरने वाले गंदे पानी के निस्तारण की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रस्तावित दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को केंद्र सरकार ने नमामि गंगे परियोजना के तहत मंजूरी दे दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक-दो वर्षों में राप्ती गंदे पानी से मुक्त हो जाएगी। जल निगम ने पहले इन दोनों एसटीपी के लिए 360 करोड़ रुपये की योजना तैयार की थी। लेकिन अब इसे तीन सौ करोड़ में बनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए कुछ पंपिंग स्टेशन कम किए जाएंगे।
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नगर निगम क्षेेत्र के 230 नाले-नालियों का पानी रामगढ़ताल और राप्ती में गिरता है। रामगढ़ताल में गिरने वाले पानी को साफ करने के लिए बनाए गए दो एसटीपी ने काम करना शुरू कर दिया है, लेकिन अब भी शहर का करीब दो तिहाई गंदा पानी सीधे राप्ती में गिरता है। यह मामला भी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पहुंचा था, इसके बाद नगर निगम कार्यकारिणी और बोर्ड ने राप्ती में गिरने से पहले पानी को साफ करने के लिए दो एसटीपी को मंजूरी दी थी। नगर निगम ने कार्यदायी संस्था के रूप में जल निगम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।
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जल निगम ने सुभाष चंद्र बोस नगर, महेवा और खाद कारखाना के पीछे एसटीपी बनाने की आवश्यकता जताते हुए करीब 433 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की थी। इसमें खाद कारखाना के पीछे बनाए जाने वाले एसटीपी की लागत करीब 73 करोड़ बताई गई थी। इसके लिए खाद कारखाना के पीछे जमीन भी चिह्नित कर ली गई, लेकिन तकनीकी दिक्कत को देखते हुए नगर निगम ने केवल नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर और महेवा में बनने वाले दो एसटीपी का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा था।
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81 एमएलडी होगी दो एसटीपी की क्षमता

नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर और महेवा में बनने वाले दोनों एसटीपी की क्षमता 81 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) होगी। इसके अंतर्गत सीवेज पंपिंग स्टेशनों के साथ साथ 1361 किलोमीटर सीवर नेटवर्क का भी काम होगा।

 

राप्ती को स्वच्छ बनाने के लिए करीब 300 करोड़ की लागत से नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर और महेवा में एसटीपी बनाया जाना है। इसके लिए इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है।
 

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                रतनसेन सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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