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बहुत सफल नहीं रहा गोरखपुर से भारत दर्शन की यात्रा
Sun, 02 Jun 2019 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 11:37 PM IST
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गोरखपुर। भारत दर्शन यात्रा स्पेशल ट्रेन की गोरखपुर से शुरुआत बहुत सफल नहीं रही। रविवार को रवाना हुई पेंट्रीकार वाली स्पेशल ट्रेन में 12 स्लीपर कोच के 864 बर्थ पर महज 90 यात्री ही सवार हुए। पूरे सफर में 330 यात्रियों ने बुकिंग कराई है।
धार्मिक यात्राओं के लिए आईआरसीटीसी ने दो वर्ष पहले वाराणसी से शुरुआत की थी। तब ट्रेन पूरी फुल हो गई थी। इसके बाद कई बार लखनऊ से स्पेशल ट्रेन की प्रारंभिक यात्रा शुरू हुई। तब भी 60 से 70 फीसदी सीटें बुक थीं। पहली बार धार्मिक यात्रा वाली ट्रेन को गोरखपुर से चलाने की योजना बनी। दो से 11 जून तक इस यात्रा में ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, भीमाशंकर, त्रयंबकेश्वर एवं घृणेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा शिरडी के साईंनाथ का दर्शन यात्री कर सकेंगे। स्पेशल ट्रेन पैकेज मूल्य 9450 रुपये रखा गया।
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धार्मिक यात्राओं के लिए आईआरसीटीसी ने दो वर्ष पहले वाराणसी से शुरुआत की थी। तब ट्रेन पूरी फुल हो गई थी। इसके बाद कई बार लखनऊ से स्पेशल ट्रेन की प्रारंभिक यात्रा शुरू हुई। तब भी 60 से 70 फीसदी सीटें बुक थीं। पहली बार धार्मिक यात्रा वाली ट्रेन को गोरखपुर से चलाने की योजना बनी। दो से 11 जून तक इस यात्रा में ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, भीमाशंकर, त्रयंबकेश्वर एवं घृणेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा शिरडी के साईंनाथ का दर्शन यात्री कर सकेंगे। स्पेशल ट्रेन पैकेज मूल्य 9450 रुपये रखा गया।
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घाटे में गई ट्रेन
धार्मिक या भारत भ्रमण के लिए चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों का पैकेज घाटा-मुनाफा के आंकड़ा पर तय होता है। रेलवे के जानकारों की मानें तो ऐसी स्पेशल ट्रेनों में कर्मचारियों की संख्या सीमित होती है। खर्चे कम आते हैं। 50 फीसदी भी अगर सीटें बुक हो गईं तो घाटे की गुंजाइश नहीं होती। लेकिन रविवार को चली ट्रेन आईआरसीटीसी के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ।
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