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परिषदीय विद्यालयों की ग्रेडिंग
Sat, 01 Jun 2019 11:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jun 2019 11:19 PM IST
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गोरखपुर। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के नजरिए से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को ग्रेडिंग देने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए शिक्षकों को पहली बार सत्र 2019-20 में प्रशिक्षण देने के साथ ही वर्ष में दो बार होने वाली परीक्षाओं की जानकारी दी जा रही है। शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति, छात्रों के नामांकन और पढ़ाई की गुणवत्ता के आधार पर अव्वल आने वाले विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा।
स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की ओर से विकसित किए गए लर्निंग आउटकम बेस्ड टेस्टिंग टूल्स पर परीक्षा कराई जाएगी। इसमें सभी प्राथमिक, उच्च और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। साल में दो बार परीक्षा होगी। पहली बार ये अगस्त- सितंबर में होगी, वहीं दूसरी बार जनवरी- फरवरी में होगी। लर्निंग आउटकम परीक्षा को लेकर पूर्व में ही एक बुकलेट और पोस्टर सभी विद्यालयों को सत्र की शुरुआत में ही भेज दिया गया है। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, गणित, ईवीएस, सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के विषयों में होगी।
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ए - (70-80)
बी - (60-70)
सी -(50-60)
डी -(35-50)
एफ -(35 से कम)
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स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की ओर से विकसित किए गए लर्निंग आउटकम बेस्ड टेस्टिंग टूल्स पर परीक्षा कराई जाएगी। इसमें सभी प्राथमिक, उच्च और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। साल में दो बार परीक्षा होगी। पहली बार ये अगस्त- सितंबर में होगी, वहीं दूसरी बार जनवरी- फरवरी में होगी। लर्निंग आउटकम परीक्षा को लेकर पूर्व में ही एक बुकलेट और पोस्टर सभी विद्यालयों को सत्र की शुरुआत में ही भेज दिया गया है। कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों की परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी, गणित, ईवीएस, सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के विषयों में होगी।
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क्या है लर्निंग आउटकम
हर विद्यार्थी के अंदर किसी बात को सहजता से ग्रहण करने की क्षमता नहीं होती है। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थी, नए माहौल में खुद को ढाल नहीं पाते हैं । ऐसे में लर्निंग आउटकम टूल्स की मदद से विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को सहज बनाया जाता है। शिक्षक बाल मित्र के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा देते हैं।
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ये होगा ग्रेडिंग का स्तर
ए प्लस - 80 - 100 प्रतिशतए - (70-80)
बी - (60-70)
सी -(50-60)
डी -(35-50)
एफ -(35 से कम)
लर्निंग आउटकम पर आधारित परीक्षाओं के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की ग्रेडिंग की जाएगी। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। इस पहल के अंतर्गत अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा। मुख्यत: इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है।