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दो नए स्मार्ट मेटेरियल की खोज
Thu, 23 May 2019 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2019 12:10 AM IST
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गोरखपुर। मदन मोहन प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में शोध छात्र प्रवीण कुमार सिंह ने दो ऐसे स्मार्ट नये मेटेरियल की खोज की है, जो सैनिकों को भारी उपकरण ढोने से मुक्ति दिलाने में सहायक होंगे। इससे बेहद सस्ते, टिकाऊ व सूक्ष्म उपकरण तैयार किए जाएंगे, जो संचार, इंफ्रारेड किरणें व युद्धक उपकरणों के निर्माण में कारगर होंगे।
उन्होंने यह खोज प्रयुक्त विज्ञान विभाग की एमार्फास सेमीकंडक्टर रिसर्च लैब में प्रो. डीके द्विवेदी के निर्देशन में की है। इससे संबंधित उनके दस से अधिक शोध पत्र विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में छपे हैं। सेलेनियम आधारित दो नए चालकोजेनाइड पदार्थों का संश्लेषण करने में प्रवीण ने सफलता पाई है।
उन्होंने सेलेनियम आधारित दो पदार्थों का संश्लेषण कर उनकी प्रकाशीय और वैद्युत गुणधर्मों का विस्तृत अध्ययन किया। शोध में उन्होंने पाया कि उनके द्वारा संश्लेषित पदार्थ रक्षा, संचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को और कार्यकुशल बनाने में कारगर साबित होंगे। प्रवीण ने बताया कि वायु माध्यम में रेडियो तरंगों का इस्तेमाल कर भेजे गए सिग्नल सीमित स्थानों, सुरंगों, समुद्री जहाजों आदि तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी जगह सिग्नल पहुंचाने के लिए बेहद खर्चीले व कई तरह के भारी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
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उन्होंने यह खोज प्रयुक्त विज्ञान विभाग की एमार्फास सेमीकंडक्टर रिसर्च लैब में प्रो. डीके द्विवेदी के निर्देशन में की है। इससे संबंधित उनके दस से अधिक शोध पत्र विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में छपे हैं। सेलेनियम आधारित दो नए चालकोजेनाइड पदार्थों का संश्लेषण करने में प्रवीण ने सफलता पाई है।
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उन्होंने सेलेनियम आधारित दो पदार्थों का संश्लेषण कर उनकी प्रकाशीय और वैद्युत गुणधर्मों का विस्तृत अध्ययन किया। शोध में उन्होंने पाया कि उनके द्वारा संश्लेषित पदार्थ रक्षा, संचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को और कार्यकुशल बनाने में कारगर साबित होंगे। प्रवीण ने बताया कि वायु माध्यम में रेडियो तरंगों का इस्तेमाल कर भेजे गए सिग्नल सीमित स्थानों, सुरंगों, समुद्री जहाजों आदि तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी जगह सिग्नल पहुंचाने के लिए बेहद खर्चीले व कई तरह के भारी उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
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