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कौवाबाग अंडरपास निर्माण में बड़ी चूक, काम बंद

Thu, 04 Apr 2019 01:11 AM IST
ajay Kumar अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर Published by: ajay Kumar Updated Thu, 04 Apr 2019 01:11 AM IST
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कौवाबाग अंडरपास निर्माण में बड़ी चूक, काम बंद
अंडरपास को मई तक शुरू करने की योजना भी प्रभावित होगी। - फोटो : amar ujala
राजन राय
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गोरखपुर। कौवाबाग अंडरपास के निर्माण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। रेलवे ट्रैक के नीचे 20 मीटर लंबाई तक अंडरग्राउंड बाक्स गलत दिशा में डाल दिया गया है। सूत्रों की माने तो बाक्स 20 से 25 सेंटीमीटर नीचे की तरफ झुक गया है। अगर अब बाक्स को अंतिम छोर तक डाला गया तो सतह तीन से चार फीट नीचे हो जाएगी। मामला पकड़ में आने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल काम को रोक दिया गया है। इससे लाखों रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है। वहीं, अंडरपास को मई तक शुरू करने की योजना भी प्रभावित होगी।

कौवाबाग रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनाने के लिए रेलवे ने 16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। बंगलूरू की एक फर्म को ठेका दिया गया है। क्रासिंग को बंद कर निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया गया। 42.5 मीटर की लंबाई में दो-दो मीटर के बाक्स डाले जाने थे। कार्य के दौरान भी ट्रेनें चलती रहें इसके लिए बाक्स पुसिंग तकनीक के इस्तेमाल की योजना बनाई गई।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस तकनीक से जब बाक्स को नीचे डाला गया तो करीब 10 मीटर तक जाने के बाद वह नीचे की तरफ झुक गया। लेकिन इसे नजरअंदाज कर प्रेशर मशीन से बाक्स को 20 मीटर तक डाल दिया गया। नतीजतन, बाक्स सीधा न जाकर नीचे की ओर चला गया। अधिकारियों ने जब बाक्स की सतह ज्यादा नीची दिखी तो आनन-फानन में काम बंद करा दिया गया।
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अंडरपास निर्माण में दो-दो मीटर के बाक्स डाले जा रहे थे। तकनीकी गड़बड़ी के चलते काम बंद कराया गया है। गड़बड़ी को ठीक कराकर कार्य पूरा कराया जाएगा। - संजय यादव, सीपीआरओ एनईआर

पानी भरने से तो नहीं हुई गड़बड़ी

बाक्स के नीचे की ओर झुकने की असली वजह अभी सामने नहीं आई है। विभागीय जानकारों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के नीचे सालों पहले पाइप लाइनें बिछाई गईं थीं। समय के साथ उनका इस्तेमाल बंद हो गया। हो सकता है कि बाक्स डालने के दौरान पाइप फट गई हो और उसमें मौजूद पानी के बहने से मिट्टी गीली होकर धंस गई हो। इससे बाक्स नीचे की ओर झुक गया। हालांकि विभागीय अधिकारी वजह तलाशने में जुट गए हैं। साथ ही मंथन यह भी चल रहा है कि अंडरपास निर्माण में बचे 20 मीटर लंबाई में बाक्स को किस तरह से डाला जाए।

फैक्ट फाइल

अंडरपास की ऊंचाई : 3.66 मीटर
बाक्स की लंबाई : 42.5 मीटर
एप्रोच के साथ लंबाई : 350 मीटर
अंडरपास की चौड़ाई : 12 मीटर

रोजाना 30 हजार लोगों की आवाजाही

बंद होने से पहले कौवाबाग रेलवे क्रांसिंग से रोजाना लगभग 30 हजार से ज्यादा लोगों की आवाजाही थी। 150 से 160 ट्रेनें और मालगाड़ी यहां से गुजरती हैं। इसके चलते हर 15 से 20 मिनट बाद यह क्रासिंग बंद हो जाती थी। एक बार बंद होने के बाद क्रांसिंग न्यूनतम 15 मिनट से पहले नहीं खुलती थी। इससे दोनों तरफ लंबी लाइनें लगती थी। अंडरपास बनने के बाद इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।
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