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जहां कन्या पूजन वहां भ्रूण हत्या घोर पाप : योगी
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:09 AM IST
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गोरखपुर।
मुख्यमंत्री और गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों का पूजन है। जहां मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की उपसाना कन्याओं के रूप में हो, वहां कन्या भ्रूण हत्या घोर पाप है। यह आध्यात्मिक शक्तियों को नकारने जैसा है।
योगी ने ये बातें शारदीय नवरात्र की नवमी पर कन्याओं के पूजन के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कन्याओं का पूजन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती के प्रति श्रद्धा निवेदित करने का अवसर होता है। चारों वर्णों की कन्याओं का पूजन जब हिंदू धर्मावलंबी संपन्न करता है तो वह सभी की एकता से उत्पन्न शक्ति का प्रतीक भी बनता है। नवरात्र का अनुष्ठान आध्यात्मिक शक्ति संचय के साथ ही सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का पर्व है।
सीएम ने विधि-विधान से किया कन्या पूजन
गोरखनाथ मंदिर में गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के अंतिम दिन देवी स्वरूप नौ कन्याओं का विधिविधान से पूजन किया। फिर उन्हें दक्षिणा देकर विदा किया। सबसे पहले योगी ने परात में कन्याओं के पांव पखारे। इसके बाद सभी को टीका लगाया। उन्हें देवी की तरह से चुनरी ओढ़ाई और फिर माला पहनाकर उनकी पूजा की। कन्याओं को उन्होंने अपने हाथ से परोसकर भोजन कराया। मुख्यमंत्री के हाथ पूजी गई कन्याएं जब मंदिर से बाहर निकलीं तो बहुत खुश नजर आईं।
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गोरखनाथ मंदिर में आज मनाया जाएगा दशहरा
गोरखनाथ मंदिर में दशहरा शनिवार को मनाया जाएगा। सुबह नौ बजे गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ योगियों, संतों की टोली के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में जाएंगे। वहां विशेष अनुष्ठान और पूजन करेंगे। दोपहर एक से तीन बजे तक पीठाधीश्वर का तिलकोत्सव होगा। शाम चार बजे पीठाधीश्वर भव्य शोभायात्रा के साथ मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे। वहां वह भगवान शंकर सहित सभी देवी-देवताओं का पूजन और आरती करेंगे। इसके बाद उनका रथ रामलीला मैदान पहुंचेगा। वहां पर योगी भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। वहां से शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर आएगी। सायंकाल मंदिर में सहभोज होगा।
मुख्यमंत्री और गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कन्याओं का पूजन एवं सत्कार आदि शक्ति मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों का पूजन है। जहां मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की उपसाना कन्याओं के रूप में हो, वहां कन्या भ्रूण हत्या घोर पाप है। यह आध्यात्मिक शक्तियों को नकारने जैसा है।
योगी ने ये बातें शारदीय नवरात्र की नवमी पर कन्याओं के पूजन के बाद कहीं। उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू धर्म में कन्याओं का पूजन शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां भगवती के प्रति श्रद्धा निवेदित करने का अवसर होता है। चारों वर्णों की कन्याओं का पूजन जब हिंदू धर्मावलंबी संपन्न करता है तो वह सभी की एकता से उत्पन्न शक्ति का प्रतीक भी बनता है। नवरात्र का अनुष्ठान आध्यात्मिक शक्ति संचय के साथ ही सामाजिक एकता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का पर्व है।
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सीएम ने विधि-विधान से किया कन्या पूजन
गोरखनाथ मंदिर में गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के अंतिम दिन देवी स्वरूप नौ कन्याओं का विधिविधान से पूजन किया। फिर उन्हें दक्षिणा देकर विदा किया। सबसे पहले योगी ने परात में कन्याओं के पांव पखारे। इसके बाद सभी को टीका लगाया। उन्हें देवी की तरह से चुनरी ओढ़ाई और फिर माला पहनाकर उनकी पूजा की। कन्याओं को उन्होंने अपने हाथ से परोसकर भोजन कराया। मुख्यमंत्री के हाथ पूजी गई कन्याएं जब मंदिर से बाहर निकलीं तो बहुत खुश नजर आईं।
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गोरखनाथ मंदिर में आज मनाया जाएगा दशहरा
गोरखनाथ मंदिर में दशहरा शनिवार को मनाया जाएगा। सुबह नौ बजे गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ योगियों, संतों की टोली के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में जाएंगे। वहां विशेष अनुष्ठान और पूजन करेंगे। दोपहर एक से तीन बजे तक पीठाधीश्वर का तिलकोत्सव होगा। शाम चार बजे पीठाधीश्वर भव्य शोभायात्रा के साथ मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे। वहां वह भगवान शंकर सहित सभी देवी-देवताओं का पूजन और आरती करेंगे। इसके बाद उनका रथ रामलीला मैदान पहुंचेगा। वहां पर योगी भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। वहां से शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर आएगी। सायंकाल मंदिर में सहभोज होगा।