{"_id":"59877c464f1c1b01378b4642","slug":"151502051398-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा की सेंधमारी से बसपा में बढ़ी हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा की सेंधमारी से बसपा में बढ़ी हलचल
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राजन राय
गोरखपुर। एमएलसी को तोड़ने के बाद अब संगठनात्मक ढांचे में भाजपा की बढ़ती सेंधमारी से बसपा में हलचल बढ़ गई है। संगठन को टूटने से बचाने के लिए बसपा ने पुराने वफादारों को याद किया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने 10 अगस्त को लखनऊ में बैठक बुलाई है, जिसमें वर्तमान विधायक, पूर्व प्रत्याशी, संगठन के मौजूदा पदाधिकारियों के साथ संगठन के पुराने पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों की मानें तो पार्टी सुप्रीमो संगठन को मजबूत करने के लिए नई रणनीति से रूबरू कराएंगी।
विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद संगठन को धार देने के लिए मायावती 18 सितंबर से मेरठ के सहारनपुर से आक्रामक रैली शुरू करने वाली हैं, मगर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की निगाहें बसपा के वोट बैंक पर है। लोकसभा चुनाव की तरह ही दलित वोट बैंक में सेंधमारी का एजेंडा तैयार कर भाजपा के क्षत्रप अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं भाजपा की मंशा को भांपकर बसपा सुप्रीमो भी परंपरागत वोट बैंक को सहेजने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। दो दिन पहले ही संगठन स्तर पर संदेश देकर विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिला व महानगर स्तर के पदाधिकारियों के अलावा पूर्व प्रत्याशियों व पदाधिकारियों को लखनऊ पहुंचने को कहा गया है। मायावती की संगठनात्मक स्तर पर होने वाली इस बैठक में पहली बार होगा कि चुनाव लड़ने के बाद हाशिए पर आ चुके कई पूर्व प्रत्याशियों को भी सक्रिय करने की योजना बनी है। पार्टी के एक पूर्व प्रत्याशी सुप्रीमो के संदेश से खुद अचरज में हैं। बहुत कुरेदने पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि जब भाजपा ने बसपा को खत्म करने की ठान ली है तो इसके अलावा मायावती के पास कोई चारा भी नहीं है कि वह पुराने लोगों को साथ लेकर चलें। हालांकि पार्टी के नेता और पदाधिकारी अभी बैठक के एजेंडे पर बात करने से कतरा रहे हैं।
गोरखपुर। एमएलसी को तोड़ने के बाद अब संगठनात्मक ढांचे में भाजपा की बढ़ती सेंधमारी से बसपा में हलचल बढ़ गई है। संगठन को टूटने से बचाने के लिए बसपा ने पुराने वफादारों को याद किया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने 10 अगस्त को लखनऊ में बैठक बुलाई है, जिसमें वर्तमान विधायक, पूर्व प्रत्याशी, संगठन के मौजूदा पदाधिकारियों के साथ संगठन के पुराने पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों की मानें तो पार्टी सुप्रीमो संगठन को मजबूत करने के लिए नई रणनीति से रूबरू कराएंगी।
विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद संगठन को धार देने के लिए मायावती 18 सितंबर से मेरठ के सहारनपुर से आक्रामक रैली शुरू करने वाली हैं, मगर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की निगाहें बसपा के वोट बैंक पर है। लोकसभा चुनाव की तरह ही दलित वोट बैंक में सेंधमारी का एजेंडा तैयार कर भाजपा के क्षत्रप अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। वहीं भाजपा की मंशा को भांपकर बसपा सुप्रीमो भी परंपरागत वोट बैंक को सहेजने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। दो दिन पहले ही संगठन स्तर पर संदेश देकर विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, जिला व महानगर स्तर के पदाधिकारियों के अलावा पूर्व प्रत्याशियों व पदाधिकारियों को लखनऊ पहुंचने को कहा गया है। मायावती की संगठनात्मक स्तर पर होने वाली इस बैठक में पहली बार होगा कि चुनाव लड़ने के बाद हाशिए पर आ चुके कई पूर्व प्रत्याशियों को भी सक्रिय करने की योजना बनी है। पार्टी के एक पूर्व प्रत्याशी सुप्रीमो के संदेश से खुद अचरज में हैं। बहुत कुरेदने पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि जब भाजपा ने बसपा को खत्म करने की ठान ली है तो इसके अलावा मायावती के पास कोई चारा भी नहीं है कि वह पुराने लोगों को साथ लेकर चलें। हालांकि पार्टी के नेता और पदाधिकारी अभी बैठक के एजेंडे पर बात करने से कतरा रहे हैं।
विज्ञापन