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हत्या में पुत्र समेत चार को उम्र कैद की सजा
Updated Wed, 05 Jul 2017 11:11 PM IST
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कुशीनगर। कसया थाना क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग गांव में 12 वर्ष पहले हुई एक हत्या के मामले में जिला जज ने आरोपी पुत्र समेत पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पुत्र बेसिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत है। सभी आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।
जिला जज अतुल कुमार गुप्ता की अदालत में कसया थाना क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग ओझा टोला के एक मामले की सुनवाई चल रही थी। इस मामले में वादी ओमप्रकाश यादव ने आरोप लगाया था कि 23 नवंबर की रात उसके पिता हरिलाल यादव की धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच हुई तो ओमप्रकाश के भाई रामप्रताप पर ही इस हत्या का आरोप लगा। पूछताछ में उसने कसया थाना क्षेत्र के डुम्मरभार निवासी रामप्रसाद व जंग बहादुर, नादह गांव निवासी रामसुरेश उर्फ लालू तथा सिसवा मठिया निवासी सुक्खल का नाम लिया। पुलिस ने जांच में इस बात का खुलासा किया था प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर रहे हरिलाल यादव की हत्या उनके पुत्र रामप्रताप ने बदमाशों को रुपये देकर कराई थी। मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल जीपी यादव ने बताया कि पिता की मौत के बाद रामप्रताप को अनुकंपा के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति मिल गई थी और इस वक्त वह बतौर चौकीदार बीएसए कार्यालय से संबद्ध था। बुधवार को जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने इस मामले में सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों को एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। डीजीसी क्रिमिनल के अनुसार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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जिला जज अतुल कुमार गुप्ता की अदालत में कसया थाना क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग ओझा टोला के एक मामले की सुनवाई चल रही थी। इस मामले में वादी ओमप्रकाश यादव ने आरोप लगाया था कि 23 नवंबर की रात उसके पिता हरिलाल यादव की धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच हुई तो ओमप्रकाश के भाई रामप्रताप पर ही इस हत्या का आरोप लगा। पूछताछ में उसने कसया थाना क्षेत्र के डुम्मरभार निवासी रामप्रसाद व जंग बहादुर, नादह गांव निवासी रामसुरेश उर्फ लालू तथा सिसवा मठिया निवासी सुक्खल का नाम लिया। पुलिस ने जांच में इस बात का खुलासा किया था प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर रहे हरिलाल यादव की हत्या उनके पुत्र रामप्रताप ने बदमाशों को रुपये देकर कराई थी। मामले की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल जीपी यादव ने बताया कि पिता की मौत के बाद रामप्रताप को अनुकंपा के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति मिल गई थी और इस वक्त वह बतौर चौकीदार बीएसए कार्यालय से संबद्ध था। बुधवार को जिला जज अतुल कुमार गुप्ता ने इस मामले में सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों को एक लाख रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। डीजीसी क्रिमिनल के अनुसार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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