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नहीं बच सकीं सांड़ के हमले से घायल केसर देवी
Fri, 19 Apr 2019 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 02:02 AM IST
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गोरखपुर। गोपलापुर में सांड़ के हमले से घायल केसर देवी (50) की गुरुवार की सुबह मौत हो गई। 10 दिन पहले तारामंडल इलाके हुई घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। सांड़ की सींग उनके पेट में लगने से अंतड़ियां बाहर आ गईं थीं।
आठ अप्रैल को गोपलापुर निवासी केसर देवी सुबह करीब 10 बजे शिवशक्ति लान के पास से जा रहीं थीं। अचानक एक सांड़ वहां दौड़ता हुआ पहुंचा। उन्होंने बचने की कोशिश की लेकिन सांड़ ने उन्हें पटक दिया और पेट में सींगें घुसा दीं। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें तारामंडल इलाके के अस्पताल में भर्ती कराया। केसर देवी के पौत्र शैलेंद्र निषाद ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह उनका निधन हो गया। उनकी मौत के लिए उन्होंने नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। बोले, अगर छुट्टा सांड़ों के नियंत्रण के लिए नगर निगम की ओर से ठोस कार्रवाई होती तो उनकी दादी की मौत नहीं होती।
- महिला की मौत की जानकारी मिली है। छुट्टा पशुओं के हमले से मौत पर किसी तरह के मुआवजे का प्रावधान नहीं है। ऐसे में नगर निगम के हाथ बंधे हुए हैं।
- अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त
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- 20 जनवरी (2017) - नरसिंहपुर वार्ड के निजामपुर में एक व्यक्ति की सांड़ के हमले से मौत
28 जनवरी (2017) - गीता प्रेस रोड पर सांड़ के हमले से घायल व्यक्ति की मौत
21 फरवरी (2017)- सिधारीपुर में सांड़ के हमले में घायल बुजुर्ग की गई जान
12 जून (2017) - सांड़ के हमले में घायल व्यक्ति की हुई मौत
08 अप्रैल 2018 - गोपलापुर में सांड़ ने महिला पर हमला किया, 18 अप्रैल को उनकी मौत
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
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आठ अप्रैल को गोपलापुर निवासी केसर देवी सुबह करीब 10 बजे शिवशक्ति लान के पास से जा रहीं थीं। अचानक एक सांड़ वहां दौड़ता हुआ पहुंचा। उन्होंने बचने की कोशिश की लेकिन सांड़ ने उन्हें पटक दिया और पेट में सींगें घुसा दीं। गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें तारामंडल इलाके के अस्पताल में भर्ती कराया। केसर देवी के पौत्र शैलेंद्र निषाद ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह उनका निधन हो गया। उनकी मौत के लिए उन्होंने नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। बोले, अगर छुट्टा सांड़ों के नियंत्रण के लिए नगर निगम की ओर से ठोस कार्रवाई होती तो उनकी दादी की मौत नहीं होती।
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- महिला की मौत की जानकारी मिली है। छुट्टा पशुओं के हमले से मौत पर किसी तरह के मुआवजे का प्रावधान नहीं है। ऐसे में नगर निगम के हाथ बंधे हुए हैं।
- अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त
पांच की मौत, दर्जनों घायल
पिछले तीन सालों में सांड़ों के हमले से पांच लोगों की मौत हो चुकी है वहीं दर्जनों लोग घायल हुए हैं। नगर निगम शहर के सांड़ों को नियमित रूप से पकड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद शहर के हर इलाकों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
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- 20 जनवरी (2017) - नरसिंहपुर वार्ड के निजामपुर में एक व्यक्ति की सांड़ के हमले से मौत
28 जनवरी (2017) - गीता प्रेस रोड पर सांड़ के हमले से घायल व्यक्ति की मौत
21 फरवरी (2017)- सिधारीपुर में सांड़ के हमले में घायल बुजुर्ग की गई जान
12 जून (2017) - सांड़ के हमले में घायल व्यक्ति की हुई मौत
08 अप्रैल 2018 - गोपलापुर में सांड़ ने महिला पर हमला किया, 18 अप्रैल को उनकी मौत
...तो मिलता पांच लाख मुआवजा
शहरी क्षेत्र में सांड़ों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पर नगर निगम कार्यकारिणी में जबरदस्त हंगामे के बाद बोर्ड ने सांड़ के हमले में मृतक के घरवालों और घायलों को मुआवजा देने को मंजूरी दी थी। प्रावधान के अनुसार मौत होने पर परिवार के लोगों को पांच लाख और घायल को दो लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान किया गया था लेकिन इसे शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी। अगर शासन की मंजूरी मिल गई होती तो आज गीता देवी के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा मिलता।नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।