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बाढ़ से बचाव के लिए 207 गोताखोंरों की व्यवस्था
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:30 AM IST
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बाढ़ से बचाव को 207 गोताखोरों की व्यवस्था
23 बिंदुओं पर ब्योरा जुटाने में लगे विभागीय अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। प्रशासन बाढ़ से बचाव व राहत की तैयारी में जुट गया है। प्रशासन 23 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में लगा है। ताकि शासन स्तर से समीक्षा हो तो जिले में बाढ़ से बचाव व राहत संबंधी व्यवस्था ठीक मिले। वैसे भी जिले में बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी होने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सभी बंधे ठीक हालत में हैं। वहीं, दूसरी ओर से कुछ बंधों की बदहाली देख बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर नदी में पानी दबाव बढ़ा तो तबाही मच सकती है।
प्रशासन के अधिकारी बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी करने की बात कह रहे हैं। कुछ कमियां रह गई हैं तो उन्हें भी दूर करने की कोशिश की जा रही है। पांच कंट्रोल रूम पहले से ही संचालित हैं। बाढ़ चौकियां भी क्रियाशील हैं। नदियों के जल स्तर की प्रतिदिन की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा जल प्लावित गांवों की सूची, राहत कैंप स्थलों के चिह्निकरण, बाढ़ राहत पैकेट के वितरण, नाव, नाविक व गोताखोरों की उपलब्धता, बचाव टीम, कम्युनिकेशन प्लान, संवेदनशील तटबंधों की स्थिति, बंधों की निगरानी, कटान रोधक सामग्री के भंडारण, सर्पदंश व अन्य जीवन रक्षक दवाओं की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही जा रही है। पशुओं के लिए राहत कैंप व चारा, केरोसिन, डीजल, एलपीजी सहित अन्य तैयारी भी तेज कर दी गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी इंद्र भूषण वर्मा ने बताया कि जिले में कुल 207 गोताखोर सूचीबद्ध हैं। 29 बाढ़ चौकियों तथा 28 खाद्यान्न वितरण स्थल, 21 पशु शरणालय, 19 राहत शिविर, 134 नाविक, 1014 आपदा मित्र, 105 नावों की व्यवस्था कर ली गई है। इसी प्रकार रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल, केरोसिन रिजर्व रखने के भी निर्देश पेट्रोल पंपों, गैस एजेेंसियों सहित अन्य लोगों को दिए गए हैं। जिले में बाढ़ से बचाव की तैयारी पूूरी कर ली गई है। विभिन्न नदियों के तटबंधों की निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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23 बिंदुओं पर ब्योरा जुटाने में लगे विभागीय अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। प्रशासन बाढ़ से बचाव व राहत की तैयारी में जुट गया है। प्रशासन 23 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में लगा है। ताकि शासन स्तर से समीक्षा हो तो जिले में बाढ़ से बचाव व राहत संबंधी व्यवस्था ठीक मिले। वैसे भी जिले में बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी होने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि सभी बंधे ठीक हालत में हैं। वहीं, दूसरी ओर से कुछ बंधों की बदहाली देख बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि अगर नदी में पानी दबाव बढ़ा तो तबाही मच सकती है।
प्रशासन के अधिकारी बाढ़ से बचाव की तैयारी पूरी करने की बात कह रहे हैं। कुछ कमियां रह गई हैं तो उन्हें भी दूर करने की कोशिश की जा रही है। पांच कंट्रोल रूम पहले से ही संचालित हैं। बाढ़ चौकियां भी क्रियाशील हैं। नदियों के जल स्तर की प्रतिदिन की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा जल प्लावित गांवों की सूची, राहत कैंप स्थलों के चिह्निकरण, बाढ़ राहत पैकेट के वितरण, नाव, नाविक व गोताखोरों की उपलब्धता, बचाव टीम, कम्युनिकेशन प्लान, संवेदनशील तटबंधों की स्थिति, बंधों की निगरानी, कटान रोधक सामग्री के भंडारण, सर्पदंश व अन्य जीवन रक्षक दवाओं की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही जा रही है। पशुओं के लिए राहत कैंप व चारा, केरोसिन, डीजल, एलपीजी सहित अन्य तैयारी भी तेज कर दी गई है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी इंद्र भूषण वर्मा ने बताया कि जिले में कुल 207 गोताखोर सूचीबद्ध हैं। 29 बाढ़ चौकियों तथा 28 खाद्यान्न वितरण स्थल, 21 पशु शरणालय, 19 राहत शिविर, 134 नाविक, 1014 आपदा मित्र, 105 नावों की व्यवस्था कर ली गई है। इसी प्रकार रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल, केरोसिन रिजर्व रखने के भी निर्देश पेट्रोल पंपों, गैस एजेेंसियों सहित अन्य लोगों को दिए गए हैं। जिले में बाढ़ से बचाव की तैयारी पूूरी कर ली गई है। विभिन्न नदियों के तटबंधों की निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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