फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा

Wed, 21 Mar 2018 08:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Wed, 21 Mar 2018 08:13 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
डॉ. सैयद जमाल। - फोटो : Amar Ujala
कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. सैय्यद जमाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को इस्तीफा भेजकर उसे तत्काल स्वीकृत किए जाने की मांग की है। डॉ. जमाल ने कहा कि वह कांग्रेस के प्रति वफादार बने रहेंगे। अब वह बड़ी जिम्मेदारी से मुक्ति चाहते हैं।
विज्ञापन


गोरखपुर सदर संसदीय सीट के उपचुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद जिलाध्यक्ष डॉ. सैय्यद जमाल को हटाए जाने की चर्चा थी। कांग्रेस आलाकमान ने हार के लिए जो कारण तलाशा, उसमें मुस्लिम वोट बैंक का छिटकना महत्वपूर्ण रहा है। सूत्रों ने बताया कि जिलाध्यक्ष को हटाने की कवायद चल ही रही थी कि कांग्रेस के अधिवेशन में हिस्सा लेने नई दिल्ली गए डॉ. जमाल ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया। जमाल को गोरखपुर के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी जुलाई 2013 में मिली थी। वह करीब पांच साल तक जिलाध्यक्ष रहे। डॉ. जमाल ने मार्च 2017 में भी इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी आलाकमान ने कामकाज देखने के लिए कहा था। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। वह अपनी टीम तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन


विवादों में घिरे
डॉ. जमाल के कार्यकाल में विवाद भी हुआ था। कांग्रेसियों ने ही आरोप लगाया था कि एक प्रापर्टी डीलर से सांठगांठ करके डॉ. जमाल ने कांग्रेस का दफ्तर छोड़ दिया। इस वक्त कांग्रेस के पास गोरखपुर में अपना दफ्तर नहीं है। यह मामला कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचा था। मामले में जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनावों में हार से किरकिरी
डॉ. सैय्यद जमाल ने जुलाई 2013 में जिलाध्यक्ष का कार्यभार संभाला। इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव, फिर 2017 का विधानसभा चुनाव हुआ। इन चुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई थी। उपचुनाव में मुस्लिम समुदाय के वोट भी कांग्रेस को नहीं मिल सके। इसका फायदा सपा और बसपा गठबंधन को मिला। उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. सुरहीता करीम को महज 18 हजार वोट ही मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed